
300 से ज्यादा शादियों के बाद ससुर ने अपनी ही बहू के साथ किया ऐसा, वो भी केवल 80 हजार के लिए
बाराबंकी. Barabanki News: एक बेटी जब अपने पिता का घर छोड़कर ससुराल आती है तो वह ससुर को पिता का दर्जा देती है, मगर बाराबंकी में एक कलयुगी ससुर ने जो किया उससे ससुर-बहू का रिश्ता कलंकित हो गया। यहां ससुर ने बेटे को अंधेरे में रख कर गुजरात राज्य के लोगों के हाथों बहू का सौदा कर दिया। ससुर ने अपनी सगी बहू को 80000 रुपये में बेंच दिया। बेटे के मुताबिक उसका पिता अच्छे चाल चलन का नहीं है और वह इसी तरह के धन्धे को अंजाम देता आया है। जब मां ने इस काम का विरोध किया तो इसने उसकी भी लोहे के रॉड से हत्या कर दी थी। बेटे ने यह भी बताया कि शादियों के कमीशन की उनके पिता को इतनी बुरी लत है कि लगभग 300 से ज्यादा शादियां वह ऐसे ही करा चुका है। बेटे की तहरीर पर पुलिस ने गुजरात से बहू को लेने आये 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और आरोपी ससुर और उसका साथी पुलिस की पकड़ से अभी तक दूर है।
80 हजार में बहू का किया सौदा
ससुर-बहू के रिश्ते को कलंकित कर देने वाली यह घटना बाराबंकी जनपद के थाना रामनगर के मल्ला पुर गांव की है। जहां प्रिंस वर्मा नाम के एक शख्स ने पुलिस में सूचना दी कि उसके पिता चन्द्र राम वर्मा ने उसकी पत्नी को गुजरात राज्य से आये कुछ लोगों के हाथों 80,000 रुपये में बेंच दिया और खरीददार बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर उसकी पत्नी के आने का इंतजार कर रहे हैं। प्रिंस वर्मा की इस सूचना पर बाराबंकी पुलिस सक्रिय हुई और पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित टीम रेलवे स्टेशन पहुंची। रेलवे स्टेशन पर गुजरात राज्य से आये 8 लोगों से जब पूछताछ हुई तो सारा मामला खुलकर सामने आ गया। दरअसल प्रिंस वर्मा के पिता चन्द्र राम वर्मा का एक परिचित रामू गौतम गुजरात में रहता है और वहां एक व्यक्ति साहिल पंचा की शादी नहीं हो रही थी। राजू ने साहिल की बात चन्द्र राम वर्मा से करायी और शादी कराने की एवज में 80 हजार रुपये देने की बात हुई। जब कोई लड़की नहीं मिली तो गाजियाबाद में बेटे के साथ रहने वाली अपनी बहू की फोटो चन्द्र राम ने भेज दी। बहू को घर बुलाने के लिए चन्द्र राम वर्मा ने अपनी बीमारी का नाटक किया और बेटे को बहू को भेजने के लिए मना लिया। बहू जब घर आयी तो उसके खरीददारों को भी चन्द्रराम वर्मा ने अगले ही दिन बुला लिया और बहू को गाजियाबाद भेजने का झांसा देकर साथ जाने के लिए कह दिया, लेकिन बेटे के बगैर बहू को मंगाने और फिर वापस भेजने का शक बेटे को हो गया और सारा मामला खुल गया।
बेटे ने खोला राज
बेटे प्रिंस वर्मा ने बताया कि उसके पिता अच्छे चाल-चलन के नहीं हैं और उनके कामों का विरोध जब सालों पहले उसकी मां ने किया था तो उसकी लोहे के रॉड से हत्या कर दी थी। वह गाजियाबाद में रहकर टैक्सी चलाने का काम करता है और कुछ समय पूर्व उनकी फोन पर बात एक असमिया लड़की से हुई थी। बाद में उन दोनों ने शादी कर ली थी और दोनो पिता की रजामंदी से गाजियाबाद में ही रहते थे। पिछले दिनों उसके पिता का फोन आया और अपनी बीमारी का बहाना करके बहू को घर भेजने को कहा। जब उसने साथ में आने की बात कही तो पिता ने बहू को पहले भेजने को कहा लेकिन 4 जून को दोनो साथ आये तो पिता एकदम स्वस्थ थे। पिता ने बेटे को उसके बहनोई के यहां भेजकर पूरी बिसात बिछानी शुरू कर दी। बहू को यह कह कर राजी कर लिया कि कुछ उनके परिचित आगे जा रहे हैं तो वह तुम्हे गाजियाबाद छोड़ देंगे। बहू को अकेले भेजने की बात बेटे प्रिंस का शक पैदा करने के लिए काफी थी और उसने अपनी तफ्तीश में पाया कि उसके पिता ने बहू को 80 हजार रुपये में बेंच दिया है और वह लोग बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर मिलेंगे। यह सब जानकर प्रिंस ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने 3 महिलाओं सहित कुल 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। प्रिंस ने बताया कि इसके पीछे उसके गांव का ही व्यक्ति राजू गौतम है जो पिता का सहयोगी है। उसका पिता ऐसे ही घपले करके 300 से अधिक लोगों की शादियां कमीशन पर करवा चुका है।
8 लोग पकड़े गए
वहीं इस मामले में बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रिंस वर्मा की सूचना पर पुलिस ने रेलवे स्टेशन से गुजरात राज्य से आये 3 महिलाओं सहित कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया है। जिसमें साहिल पंचा, पप्पू भाई शर्मा, अपूर्व पंचा, गीता बेन, नीता बेन, शिल्पा बेन, राकेश और अजय भाई पंचा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ससुर चन्द्र राम वर्मा ने अपने बेटे प्रिंस को अंधेरे में रखकर बहू का सौदा 80 हजार रुपये में कर लिया था। यह लोग बहू को लेकर गुजरात जाने वाले थे। इस मामले ने दो लोग अभी वांछित चल रहे हैं, जिसमें चन्द्र राम वर्मा और उसका सहयोगी रामू गौतम है। पुलिस इन दोनों की भी जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करेगी।
Published on:
07 Jun 2021 10:59 am
