
द्वारचार में महिलाओं का बना लिया वीडियो तो शादी में मचा बवाल, समझौता करवाने गई पुलिस, उसी पर हो गया हमला
बाराबंकी. बाराबंकी में एक शादी समारोह के दौरान ऐसा बवाल मचा कि उसमें लड़का-लड़की पक्ष के लोग तो पिटे ही इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की भी जमकर धुनाई हो गई। मामला टिकैतनगर थाना क्षेत्र के बादशाहनगर गांव का है। जहां लड़की की शादी में वीडियो बनाने को लेकर ऐसा हंगामा कटा जिसे संभालने में पुलिसवालों के भी पसीने छूट गए।
वीडियो बनाने को लेकर बवाल
दरअसल टिकैतनगर के बादशाहनगर में रहने वाले देवी चौहान की लड़की सुलोचना की शादी रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के महाराजगंज गांव में तय हुई थी। बीते शुक्रवार की रात लड़के वाले बारात लेकर लड़की के घर पहुंचे। बारात पहुंचने के बाद द्वारचार की रस्म शुरू हुई। सबकुछ सही चल रहा था तभी लड़के वालों की तरफ से कुछ लोगों ने लड़की पक्ष की महिलाओं का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। जब लड़की के चचेरे भाई नरेंद्र समेत कई लोगों ने उनको मना करने की कोशिश की तो लड़के पक्ष के लोग उखड़ पड़े। जिसके बाद बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
समझाने पहुंची पुलिस की भी पिटाई
मारपीट की सूचना पर वहां तत्तकाल बीच बचाव करने पुलिस पहुंच गई। जानकारी के मुताबिक पहले तो पुलिस ने मामला शांत करवाने की कोशिश की। लेकिन जब दोनों पक्ष के लोग नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने आव देखा व ताव और लड़की के चचेरे भाई की लाठियों से जमकर पिटाई कर दी। फिर क्या था पुलिस के इस रवैये ने लड़की पक्ष के लोगों को और उग्र कर दिया। जिसके बाद नाराज लड़की वालों ने शादी में चल रहे जनरेटर को बंद करवा दिया, जिससे मौके पर अंधेरा हो गया। अंधेरे का फायदा उठाकर लड़की वालों ने पुलिसवालों की पिटाई शुरू कर दी। इस हमले में सुखीपुर चौकी इंचार्ज प्रभारी अवध बिहारी सिंह और सिपाही राजेंद्र वर्मा समेत कई पुलिसवाले घायल हो गए। जिसके बाद पुलिसवाले वहां से जान बचाकर उल्टे पैर भागे।
एसओ ने अपने सामने कराई शादी
वहीं लड़की वालों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से दुल्हन के चचेरे भाई नरेंद्र की हालत बिगड़ गई। जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद नरेंद्र को केजीएमयू के लिए रेफर कर दिया गया। इस वबाल के दौरान लोगों ने बताया कि 28 अप्रैल को लड़की वाले लड़के के घर तिलक लेकर गए थे तो वहां भी जमकर मारपीट हुई थी। वहीं दूसरी तरफ जब पूरे विवाद की जानकारी एसओ केके मिश्र को मिली तो वह भी मौके पर और उन्होंने अपने सामने ही लड़का-लड़की के फेरे पूर करवाए। उसके बाद इस मामले में लड़की पक्ष के नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
Published on:
06 May 2018 08:53 am
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