
बारां। रसद विभाग ने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लोगों छानबीन शुरू की तो कई लोग स्वैच्छा से आगे से लाभ लेने से इनकार करने लगे हैं। करीब तीन माह के दौरान जिले में करीब 1300 लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना की चयन सूची से उनका नाम हटाने के लिए ई-मित्र के माध्यम से रसद विभाग को आवेदन किया है।
इन 1300 लोगों का कहना है कि वर्तमान में वह खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र नहीं हैं। वह योजना का लाभ नहीं लेना चाहते, इसलिए उनका नाम हटा दिया जाए। इनमें कुछ सरकारी कर्मचारी भी हैं।
सूत्रों का कहना है कि रसद विभाग की ओर से योजना के तहत अपात्र लोगों से 27 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से वसूली की जाएगी। विभाग ने पूर्व में भी करीब डेढ़ हजार से अधिक लोगों से वसूली की गई थी।
उस समय राशि जमा नहीं कराने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने व कर्मचारियों से उनके वेतन से वसूली के प्रयास किए गए थे। नोटिस व उच्चाधिकारियों के आदेशों के बाद भी राशि नहीं देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का दबाव भी बनाया गया था।
सूत्रों ने बताया कि सरकार की ओर से वर्ष 2016 में राशन कार्ड समेत अन्य डाटा ऑनलाइन किया गया था। इसमें हजारों कर्मचारियों द्वारा पात्रता नहीं होने के बाद भी गरीब का गेहूं लेने का मामला उजागर हुआ। वर्ष 2020 में विभाग ने ऐसे कर्मचारियों को चिन्हित किया तो कई ने स्वैच्छा से नाम हटवा लिए तो कुछ से वसूली की गई।
अब सरकारी कर्मचारियों के अलावा अन्य सामान्य अपात्र जनो को भी चिन्हित किया जा रहा है। अब तक 100 लोगों को चिन्हित कर 47 को नोटिस जारी कर दिए है। शेष 53 के नोटिस भी तैयार किए जा रहे हैं।
प्रवर्तन निरीक्षक के सुपरविजन में राशन डीलर के माध्यम से खाद्य सुरक्षा योजना के अपात्र लोगों को चिन्हित कर तहसील के माध्यम से नोटिस दिए जा रहे है। विभाग की ओर से अपात्र लोगों से स्वैच्छा से नाम हटवाने के लिए अपील की जा रही है। इसके बाद करीब 1300 लोगों ने ई-मित्र के माध्यम से नाम हटाने के लिए आवेदन किए है। अपात्र लोगों से 27 रुपए किलो की दर से वसूली प्रस्तावित है।
अनिल चौधरी, जिला रसद अधिकारी
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Published on:
17 Feb 2025 10:18 am
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