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इस साल ये फसल किसानों को करेगी मालामाल, तोड़ेगी सारे रेकॉर्ड, किसान दे रहे प्रमुखता

बारां जिले में खरीफ की फसल चने की बुवाई का दौर भी शुरू हो गया। जबकि सरसों की बुवाई अन्तिम दौर में पहुंच गई। किसान इस साल भाव तेज रहने से लहसुन की बुवाई को भी प्रमुखता दे रहे है।

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बारां जिले में खरीफ की फसल चने की बुवाई का दौर भी शुरू हो गया। जबकि सरसों की बुवाई अन्तिम दौर में पहुंच गई। किसान इस साल भाव तेज रहने से लहसुन की बुवाई को भी प्रमुखता दे रहे है। आगामी 15 नवम्बर से गेहूं की बुवाई शुरू हो जाएगी। इस वर्ष खरीफ में करीब 3.50 लाख हैक्टेयर में खरीफ की फसलों की बुवाई होने का अनुमान कृषि अधिकारियों ने लगाया है। हालांकि गत मानसून सत्र में कम बारिश होने से गेहूं की घटने व सरसों का क्षेत्रफल बढ़ने का अनुमान लगाया जाने लगा है।

कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार जिले में शुक्रवार शाम तक लगभग 1.25 लाख हैक्टेयर में सरसों की बुवाई हो चुकी है। अधिकांश क्षेत्रों में अब पौध पर पत्ते बनने का दौर शुरू हो गया है। वहीं, अब चने की बुवाई भी शुरू हो गई है। करीब 3 हजार हैक्टेयर में चने की बुवाई हो चुकी है।
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फिर भी लहसुन को दे रहे तव्वजो
भले ही गत मानसून सत्र में राजस्थान का चेरापूंजी कहे जाने वाले जिले में बारिश कम हुई हो, लेकिन किसान लहसुन की बुवाई को लेकर खासी रुचि दिखा रहे हैं। अब तक जिले में 12 हजार हैक्टेयर में लहसुन की बुवाई हो चुकी है। गत वर्ष जिले में करीब 30 हजार हैक्टेयर में लहसुन की बुवाई हुई थी, इस साल इसका क्षेत्रफल बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता।

चने की बुवाई शुरू
जिले में अब चने की बुवाई का दौर शुरू हो गया है। लगभग 3 हजार हैक्टेयर में चने की बुवाई हो चुकी है। कृषि विभाग ने इस वर्ष करीब 50 हजार हैक्टेयर में चने की बुवाई का अनुमान लगाया है। गेहूं का क्षेत्रफल कम होने की संभावना है।
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जिले में खरीफ की सभी फसलों की बुवाई तय समय में हो रही है। इसके लिए तापमान भी अनुकूल हो गया है। यहां खाद व बीज का कोई संकट नहीं है। गेहूं की बुवाई 15 नवम्बर के आसपास शुरू होगी।
अतीश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग