
खेत में कट रहे दिन-रात, पैदावार कम होने से निराश
भंवरगढ़. कस्बे सहित आसपास ग्रामीण अंचल में गत एक पखवाड़े से चल रहे खरीफ की प्रमुख फसल उड़द, सोयाबीन की कटाई का अब अंतिम चरण में है। वहीं धान की कटाई भी अब शुरू हो गई है।
कई किसानों द्वारा सरसों की बुवाई के लिए जमीनों को तैयार किया जा रहा है तो कई किसानों द्वारा सरसों की बुवाई पिलाई करना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में मजदूरों का टोटा होने के कारण किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है वही पैदावार कम निकलने से किसान मायूस नजर आ रहे हैं। कई किसानों द्वारा हार्वेस्टर मशीन का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। वहीं कई किसानों द्वारा कटी पड़ी सोयाबीन की फसल में थ्रेशर लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। वहीं कई किसानों द्वारा पशु चारे की समस्या से निजात पाने के लिए ट्रैक्टर से चलने वाली कटर मशीन से फसलों की कटाई करवा कर थ्रेसर मशीन से तैयार किया जा रहा है।
जिले में अल्प वर्षा ने बढ़ाई मुसीबतें
जानकारी के अनुसार इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण खेतों में खड़ी फसलें वैसे ही कमजोर हैं। ऐसे में क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूरों की दर बढऩे से लागत में हो रही बढ़ोतरी वह पैदावार कम होने से किसान निराश नजर आ रहे हैं। किसानों से मिली जानकारी के अनुसार कस्बे सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्र के घट्टी, परानियां, बोरदा, बोरेन, गोरधनपुरा, जेतपुरा, डिकोंनिया, गजरोन, पीपल्दा, तलावड़ा, रामनगर, रामपुरिया, विलासगढ़, फल्दी, कापड़ीखेड़ा, बांसथूनी सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में बड़े पैमाने पर सोयाबीन, उड़द, मक्का, धान सहित अन्य कई प्रकार की खरीफ की फसलों की बुवाई की थी समय के साथ फसल की बढ़वार हुई। ङ्क्षकतु इसके बावजूद इस बार मानसून में जिले में हुई अल्प वर्षा के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर विपरीत असर पडऩे और वर्तमान में तेज गर्मी का दौर जारी रहने से फसलें समय से पहले आ रही हैं। ऐसे में किसान फसल को काटकर तैयार करने में जुट गया है । क्षेत्र के किसान पानी की कमी को देखते हुए बड़े पैमाने पर सरसों वह चना की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं।
Published on:
08 Oct 2023 11:59 am
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