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आरओबी की धीमी चाल से जनता हलकान

बारां. झालावाड़ रोड पर निर्माणाधीन आरओबी का कार्य शहर की हजारों की आबादी के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। निर्माण की धीमी चाल से वाहन चालक हलकान हैं। दुपहिया वाहन चालक जाम में फंसने को मजबूर हैं तो चार पहिया वाहनों को जाम के साथ ज्यादा दूरी तक चलकर शहर आना पड़ रहा है।

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आरओबी की धीमी चाल से जनता हलकान

आरओबी की धीमी चाल से जनता हलकान

आरओबी की धीमी चाल से जनता हलकान
-आधी अधूरी व्यवस्था के साथ शुरू किया आरओबी निर्माण कार्य
-पटरी पार के हजारों बाशिंदों को रोज फंस रहे जाम में
बारां. झालावाड़ रोड पर निर्माणाधीन आरओबी का कार्य शहर की हजारों की आबादी के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। निर्माण की धीमी चाल से वाहन चालक हलकान हैं। दुपहिया वाहन चालक जाम में फंसने को मजबूर हैं तो चार पहिया वाहनों को जाम के साथ ज्यादा दूरी तक चलकर शहर आना पड़ रहा है।
रेलवे ने आरओबी निर्माण कार्य से पूर्व शहर के पटरी पार रहने वाले लोगों के आवागमन के लिए पास ही अलग फाटक बनाकर वैकल्पिक मार्ग बनाया है। लेकिन उससे भी खास फायदा नहीं हुआ। सड़क पर आरओबी के पिलर के लिए खोदे गए गड्ढ़े भी दुखी कर रहे हैं।
शहर के पटरी पार क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक कालोनियों के लगभग 40 हजार लोग रहते हैं। उनके शहर में आने और शहर से झालावाड़ रोड जाने के बीच रेलवे क्रॉसिंग है। इस क्रॉसिंग पर अक्सर जाम से बचने के लिए आरओबी निर्माण की स्वीकृति मिली हैए लेकिन निर्माण की धीमी चाल देखकर लग रहा है कि जनता को महीनों तक जाम और परेशानी से मुक्ति नहीं मिलने वाली।
-यह है बड़ी परेशानी
बारां से दिनभर में कई ट्रेनें निकलती है। तब क्रॉसिंग बंद रहती है। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती है। बेतरतीब वाहन खड़े होने से जब क्रॉसिंग खुलती है तो पहले निकलने के चक्कर में वाहन फंस जाते हैं और जाम लग जाता है।
जाम से बचने के लिए पटरी पार के लोगों नाकोड़ा कॉलोनी से बापजी नगर होते हुए कोटा रोड पर एफसीआई गोदाम के समीप से होकर घूमकर वापस शहर में 7.8 किलोमीटर का चक्कर काटकर आना पड़ता है। यही मुसीबत शहर से पटरी पार जाने वाले लोगों के लिए है। दोनों मामलों में समय के साथ ही ईंधन खर्च बढऩे की बड़ी परेशानी है।
-गर्मी में खड़े रहना सजा जैसा
क्रॉसिंग पर दिन में तेज धूप में खड़े रहना वाहन चालको को भारी पड़ता है। इस दौरान लोग छांव तलाशते नजर आते हैं। जब वाहन फंस जाते हैं तो जाम दूर करने के लिए यातायात पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आता है। वाहन चालक ही जूझते रहते हैं।
नाकोड़ा कॉलोनी निवासी शिक्षक विक्रम सिंह तंवर व कपिल शर्मा के मुताबिकए स्कूल जाते समय इस मार्ग से होकर गुजरना मुसीबत है। बाबजी नगर निवासी त्रिलोक सोनीए रिद्धिका कॉलोनी निवासी शंभुदयाल वैष्णव ने कहा कि रेलवे व राज्य सरकार को व्यवस्थित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करनी चाहिए।
-जिम्मेदार भी मान रहे गलतए पर सुधार नहीं रहे
यह मार्ग वैकल्पिक रूप में प्रयोग करने के लिए भी उचित नही है। जब निर्माण कार्य चलता है। उस समय आवागमन जारी रहने से दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। ऐसी स्थिति में इस मार्ग को बंद करना ही उचित होगा। हालांकि 28 फरवरी के बाद से ही पिलर का कार्य पेयजल लाइन व विद्युत लाइनों के कारण बंद करना पड़ा है। जब तक यह शिफ्ट नहीं हो जातीए तब तक कार्य शुरू नहीं हो पाएगा।
- रामदयाल आरओबी निर्माण से जुड़ी एसकेटी कम्पनी के प्रतिनिधि
-इस मार्ग पर वाहनों के गुजरने की व्यवस्थित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में भी दुपहिया वाहनों के साथ ही बड़े वाहन भी जबरन प्रवेश कर जाते हैं और जाम के हालत बनते हैं। यदि इन्हें रोका जाता है तो झगड़े की स्थिति बनती है। निर्माण कार्य के ठेकेदार ने भी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की बात कही हैए लेकिन वाहन चालक रुकते ही नहीं हैं। उच्चाधिकारी ही समस्या का निदान करवा सकते हैं।
- मानसिंहए प्रभारी, यातायात पुलिस