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बल्ले-बल्ले: किराए पर रहने वाले अल्पसंख्यक छात्रों को अब मिलेंगे 2000 प्रतिमाह

यह योजना विशेष रूप से अल्पसंयक समुदायों के छात्रों के लिए हैं, जिसमें मुस्लिम, जैन, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी इसका लाभ उठा सकेंगे।

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CM भजनलाल (फोटो: पत्रिका)

Ambedkar DBT Voucher Scheme 2025-26: राज्य सरकार द्वारा संचालित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना के तहत पात्र छात्रों से जून/जुलाई माह में ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य किराए पर रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

क्या है पात्रता?


छात्र अल्पसंयक समुदाय से संबंधित हो।

वह किसी राजकीय महाविद्यालय में कला/विज्ञान/वाणिज्य संकाय में अध्ययनरत हो।

वह छात्र पेइंग गेस्ट के रूप में किराए पर रहकर पढ़ाई कर रहा हो।

परिवार की वार्षिक आय सीमा विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के भीतर हो।

छात्र के पास जनाधार एवं एसएसओ आईडी होना अनिवार्य है।

जरूरी दस्तावेज क्या होंगे?

पहचान पत्र (आधार कार्ड)

जनाधार कार्ड

छात्र की पासपोर्ट साइज फोटो

कॉलेज में प्रवेश प्रमाण पत्र

किराये का निवास प्रमाण (रेंट एग्रीमेंट/पेइंग गेस्ट सर्टिफिकेट)

बैंक खाता विवरण

अल्पसंयक समुदाय का प्रमाणपत्र (यदि आवश्यक हो)

कैसे करें आवेदन?

छात्र योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें एस.एस.ओ. आई.डी या ई मित्र या फिर जनाधार पहचान पत्र की मदद से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की वेबसाइट पर दिशा-निर्देश, पात्रता की शर्तें और आवश्यक दस्तावेजों की सूची उपलब्ध है।

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इन वर्गों को भी मिलेगा लाभ?

यह योजना विशेष रूप से अल्पसंयक समुदायों के छात्रों के लिए हैं, जिसमें मुस्लिम, जैन, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी इसका लाभ उठा सकेंगे। लेकिन इस योजना में केवल छात्र ही पात्र होंगे। साथ ही उन्हें राजकीय महाविद्यालयों में कला, विज्ञान या वाणिज्य संकाय में नियमित (एकेडमिक) कोर्स में अध्ययनरत होना चाहिए। छात्रों को इस योजना का लाभ तभी मिलेगा जब वे अपने स्थायी निवास स्थान से दूर रहकर किराए पर कमरा लेकर (पेइंग गेस्ट के रूप में) पढ़ाई कर रहे हों।

इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्रों के साथ-साथ अब अल्पसंयक छात्रों को भी शामिल किया गया है। यानी सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए यह योजना एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

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