
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/बारां/कस्बाथाना। उपखंड मुख्यालय शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र में बीपीएल योजना के अंतर्गत चयनित परिवारों को शामिल किया जाता है जो ऐसे परिवार हैं। जिनके पास रहने के लिए मकान नहीं है या झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे हैं। इनके पास गाड़ी, मोटरसाइकिल, फ्रिज, टीवी आदि नहीं होते। ऐसे लोगों का चयन सरकार द्वारा पंचायत समिति के माध्यम से कराया जाता है। ऐसे बीपीएल चयनित की प्रक्रिया होती है
गरीबों को लाभ देने के लिए चलाई योजना
बीपीएल योजना सरकार द्वारा इस लिए चलाई गई जिससे कि शोषित एवं गरीब वर्गों को इसका लाभ मिल सके परंतु धरातल पर बीपीएल योजना का लाभ पंचायत समिति क्षेत्र में सैकड़ों लोग जिनके पास गाड़ी ट्रैक्टर पक्का मकान टीवी फ्रिज बैंक बैलेंस आदि होने के बाद भी बीपीएल कार्ड धारक बने हुए हैं जबकि वास्तव में जो गरीब गरीब लोग हैं उन्हें बीपीएल योजना का लाभ न के बराबर मिल पा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि बीपीएल योजना का दोबारा सर्वे कराया जाए और जो बीपीएल योजना में पात्रता नहीं रखते उन्हें सूची से हटाया जाए।
10 साल से अधिक समय से बने हुए हैं बीपीएल लाभार्थी
पंचायत समिति क्षेत्र में ऐसे बीपीएल कार्ड धारक भी मौजूद हैं, जिनका 10 साल से अधिक समय से बीपीएल कार्ड बना हुआ है। ये कई बार बीपीएल का लाभ ले चुके हैं। अब प्रश्न यह है क्या 10 साल में उनका जीवन स्तर ठीक नहीं हो पाया क्या 10 सालों में आर्थिक हालत सुधार पक्के मकान टीवी फ्रिज मोटरसाइकिल आदि होने के बाद भी बीपीएल कार्ड योजना का लाभ ले रहे हैं। जबकि ऐसे नामों को तुरंत प्रभाव से बीपीएल चयनित परिवार से हटाया जाना चाहिए। वहीं शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र में जिनके पास चार पहिया वाहन है ट्रैक्टर है मोटरसाइकिल है। दो मंजिल मकान पक्के बने हुए हैं। दुकान चलाकर हजारों रुपए कमा रहे हैं। गरीब परिवारों से उनका हक छीन रहे हैं। ऐसे लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिल सके।
पंचायत समिति शाहाबाद क्षेत्र में प्रभावशाली लोगों के नाम बीपीएल में हैं। इनके पास भूमि भवन मकान चार पहिया गाड़ी मोटरसाइकिल होने के बाद भी चयनित परिवार होने का लाभ उठा रहे हैं। इस कारण से पात्र व्यक्तियों को लाभ नहीं मिल पा रहा।
श्यामा सहरिया, फरेदुआ
प्रभावशाली लोगों के वजह से गरीब लोगों को लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए हम मांग करते हैं कि बीपीएल सूची की जांच कराई जाए और ऐसे नामों को हटाया जाए जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं।
जानकीलाल सहरिया, अजरोंडा
बीपीएल चयनित परिवारों में जो चयनित परिवार की पात्रता नहीं रखते हैं। ऐसे लोगों के नाम एसडीएम साहब से परमिशन लेकर सर्वे कराकर हटाए जाएंगे।
छुट्टन लाल मीणा, विकास अधिकारी,, पंचायत समिति
Published on:
02 Jan 2023 03:34 pm
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