बारां. एक और राज्य सरकार आमजन को राहत देने के लिए शिविरों का आयोजन कर रही है, राहत के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई बार नजारे दिखते हैं जो हमें अंदर तक हिला देते हैं। जो लोगों की बेबसी और लाचारी को बयां करते दिखते हैं। करीब आठ-नौ माह से पेंशन के लिए चक्कर काट रही एक वृद्धा सोमवार को थकहार कर पंचायत समिति की सीढिय़ों पर ही निढाल होकर सो गई।
बारा पंचायत समिति क्षेत्र के खेड़ी गांव निवासी पुष्पा बाई बैरवा पत्नी रतन लाल बेरवा जिनकी उम्र 61 वर्ष है। वे पेंशन पाने के लिए करीब 8-9 माह से लगातार कई विभागों के चक्कर काटकर थक चुकी हैं। लेकिन उसकी अभी तक पेंशन चालू नहीं हो सकी है। वृद्धा पुष्पा बाई ने कहा कि यहां पंचायत समिति कार्यालय में भी करीब आधा दर्जन बार चक्कर काट चुकी है। लेकिन यहां भी न तो कोई कर्मचारी, न ही कोई अधिकारी उसकी सुनवाई कर रहे हैं। सोमवार को भी वह पेंशन की आस लेकर कार्यालय पहुंची थी। लेकिन यहां कोई नहीं मिलने के कारण उसको यहीं बैठे-बैठे नींद आ गई। किसी ने उससे कहा था कि बड़़े साहब आएंगे। उनसे अपनी समस्या कहना। गांव से शहर तक आना-जाना बड़ा ही पीड़ा व दर्दभरा रहता है। वृद्धा ने बताया कि उसे कर्मचारी व अधिकारी कभी बैंक, कभी कलक्ट्री तो कभी पंचायत समिति भिजवाते रहते हैं। लेकिन अभी तक उसकी पेंशन शुरू नहीं हो पाई है।