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शिक्षकों की कमी से परेशान बच्चे एवं अभिभावक सड़कों पर उतरे, स्कूल को लगाया ताला

हरनावदाशाहजी.एक ओर राज्य सरकार शिक्षा के लिए नवाचार के साथ अंग्रेजी माध्यम के नए नए स्कूल खोल रही है। ढांचागत सुविधाओं के नाम पर घोषणाओं का अम्बार लग रहा है।

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शिक्षकों की कमी से परेशान बच्चे एवं अभिभावक सड़कों पर उतरे, स्कूल को लगाया ताला

शिक्षकों की कमी से परेशान बच्चे एवं अभिभावक सड़कों पर उतरे, स्कूल को लगाया ताला

हरनावदाशाहजी.एक ओर राज्य सरकार शिक्षा के लिए नवाचार के साथ अंग्रेजी माध्यम के नए नए स्कूल खोल रही है। ढांचागत सुविधाओं के नाम पर घोषणाओं का अम्बार लग रहा है। दूसरी ओर शिक्षा के इन कथित मंदिरों की व्यथा जानने की कोशिश करें तो दबे स्वर में समस्याओं के अम्बार दिखाई देते हैं। उनको गहराई से समझने पर मानों यह समस्याएं अंतहीन सी प्रतीत होती जान पड़ रही है। ऐसी ही परेशानियों से जूझ रहे कुंभाखेडी सीनियर स्कूल के छात्र छात्राओं ने मुखर होकर मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। विरोध करने के लिए बच्चे और अभिभावक सड़कों पर उतर आए और सड़क जाम कर दी। इतना ही नहीं, स्कूल को भी ताला लगा दिया गया। वे प्रदर्शन करते हुए स्कूल में रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे थे। बाद में पुलिस एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समझाइश पर तीन घंटे बाद आंदोलन वापस लिया गया।
क्रमोन्नत हुआ, हालात नहीं सुधरे
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरनावदाशाहजी-छीपाबड़ौद मार्ग पर कस्बे से पांच किमी दूर स्थित कुंभाखेडी पर वर्ष 2015 में सीनियर स्कूल क्रमोन्नत किया गया था। विद्यालय में कला वर्ग खुलने से गांव के लोगों को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर नई आस बंधी थी। लेकिन सुविधाओं की पोल खोलते यहां के विद्यालय भवन की हालत ऐसी है कि 12 कक्षाओं को बिठाने के लिए महज तीन-चार कमरे ही हैं। बच्चों की बैठने की अव्यवस्था एवं ऊपर पर से शिक्षकों की कमी के चलते यहां नामांकन का आंकडा गिरा है। तीन साल पहले 485 से विद्यालय का नामांकन घटकर गत वर्ष 375 रह गया। इस बार यह आंकड़ा 320 पर आ गया।
शिक्षकों की कमी से जूझ रहा

विद्यालय सूत्रों ने बताया कि चार साल से यहां प्रधानाध्यापक नहीं है। इतिहास व राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता के पद ढाई साल से रिक्त हैं। गणित विषयाध्यापक शुरू से ही नहीं है, जबकि अंग्रेजी व विज्ञान विषय को पढाने वाले शिक्षक भी ढाई साल से नदारद है। एक दर्जन रिक्त पदों के कारण भगवान भरोसे चल रहे शिक्षण व्यवस्था से आक्रोशित छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने स्कूल खुलने के साथ ही तालाबंदी कर दी और नारेबाजी करते हुए मुख्य सडक पर जाम लगाकर यातायात रोक दिया। जिसमें बच्चों एवं अभिभावकों ने अधिकारियों के वहां आकर रिक्त पद भरने के लिए आश्वस्त करने की मांग रखी। बाद में सूचना पर हरनावदाशाहजी पुलिस एवं छीपाबडौद से मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिनेश भार्गव, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भगवती प्रसाद, नायब तहसीलदार योगेंद्र त्रिवेदी ने पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश की। सीबीओ का कहना था कि पूरे ब्लॉक में रिक्त पदों की समस्या है। रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति के प्रयास का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया।