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लहसुन उत्पादकों की मन गई दिवाली, 32000 रुपए प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड भाव से बिका

बारां. लहसुन उत्पादक किसानों की दीपावली गुरुवार को ही मन गई। लहसुन मंडी में गुरुवार को लहसुन अब तक के ऐतिहासिक भाव 32 हजार रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल से बिका।

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लहसुन उत्पादकों की मन गई दिवाली, 32000 रुपए प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड भाव से बिका

लहसुन उत्पादकों की मन गई दिवाली, 32000 रुपए प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड भाव से बिका

बारां. लहसुन उत्पादक किसानों की दीपावली गुरुवार को ही मन गई। लहसुन मंडी में गुरुवार को लहसुन अब तक के ऐतिहासिक भाव 32 हजार रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल से बिका। व्यापारियों ने शुक्रवार से दीपोत्सव पर्व के 6 दिवसीय अवकाश के बाद खुलता बाजार भी तेज रहने की उम्मीद जताई है। कृषि उपज मंडी स्थित लहसुन मंडी में गुरुवार को एक्स्ट्रा बोम साइज लहसुन की नीलामी 32 हजार रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल पर छूटी। दिसावरी मांग के चलते लहसुन में करीब एक सप्ताह से तेजी बनी हुई थी। बोम साइज लहसुन इस दौरान डेढ़ गुना भाव उछल गए। इससे पूर्व 13 से 14 हजार रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल के भाव चल रहे थे। लहसुन मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष जगदीश बंसल ने बताया कि व्यापारी पूर्व से ही लहसुन में तेजी की स्थित में थे। उन्होंने बताया इसके अलावा औसत भाव 13 से 14 हजार रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल रहे। वहीं लॉटरी लहसुन भी 9 हजार से 11 हजार तक के भाव से बिका। बंसल ने बताया कि लहसुन के यह एतिहासिक भाव वर्ष 2012 मंडी खुलने से लेकर अब तक के रिकॉर्डेड भाव रहे हैं। दीपावली पर्व के अवकाश के अन्तिम दिन भारी तेजी रही। मंडी में गुरुवार को करीब पांच कट्टे आवक समेत पेंडिगं करीब 4 हजार कट्टों की नीलामी की गई।
देशभर में है बारां के लहसुन की मांग
बारां जिले का लसहुन प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में पसन्द किया जाता है। यहां की मिक्टी व जलवायु के चलते इसकी उम्दा क्वालिटी इसकी पहचान है। अध्यक्ष बंसल ने बताया कि बारां मंडी से तमिलनाडू, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, गुजरात, बंगाल, असम, बिहार, उत्तरप्रदेश तथा हैदराबाद भेजा जाता है। जो कि ग्रेङ्क्षडग करके बॉक्स में भिजवाया जाता है।