
रबी की विभिन्न फसलो में पानी की जरुरत थी। ऐसे समय में मावठ का गिरना डायमण्ड ड्रॉप के समान बताया गया है।
बारां ञ्च पत्रिका. जिले भर में शुक्रवार रात को गिरी मावठ रबी की विभिन्न फसलों के लिए वरदान साबित हुई है। जिले में सर्वाधिक बरसात शाहाबाद क्षेत्र में 39 एमएम हुई, वही सबसे कम बरसात अटरु में 3 एमएम रिकॉर्ड की गई है। इस बरसात से गेहूं, सरसों, चना, लहसुन तथा धनिए में लाभ मिलेगा। कृषि विभाग ने इस बरसात को डायमण्ड ड्रॉप बताया है। मावठ गिरने के बाद एक साथ न्यूनतम पारा करीब 9 डिग्री तक गिरकर 8 डिग्री पर पहुंच गया है। रबी की विभिन्न फसलो में पानी की जरुरत थी। ऐसे समय में मावठ का गिरना डायमण्ड ड्रॉप के समान बताया गया है। इस वर्ष जिले में गेहूं का रकबा भी बढ़ा है। इस वर्ष करीब एक लाख 48 हजार हैक्टर में गेहूं की बुवाई की गई थी।
सरसों की फसल में होने लगा फलाव
जिले के कई किसानो ने अगेती सरसो की बुवाई की थी। ऐसे खेतो में सरसों की फसल में फलियां आने लगी हंै। हालांकि अधिकतर खेतों में सरसों की फसल में फूल खिले हुए हंै। वहीं कई खेतों में गेहूं की फसल भी फलाव की स्थिति तक पहुंच चुकी है। ऐसे में यह मावठ काफी लाभदायक रहेगी। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि इस मावठ की बरसात से खेतों में बनी नमी लम्बे समय तक बरकरार रहेगी। जिससे फसलों की ग्रोथ अच्छी होगी। दो दिन तक जिलेभर में मौसम के मिजाज कुछ बदले से रहे। इस दौरान जिलेभर में बारिश होने से न केवल मौसम में बदलाव हो गया, फसलों को भी अमृतरूपी पानी मिल गया। रविवार को दो दिन बाद धूप खिली तो लोगों ने दिन में राहत महसूस की। शाम होते-होते शीतलहर के अटैक ने लोगों को दुबकने पर मजबूर कर दिया। जिले भर में शुक्रवार रात को गिरी मावठ के बाद सर्दी बढ़ गई है। जहां गुरुवार तक न्यूनतम पारा 17 तथा अधिकतम पारा 23 डिग्री पर था। रविवार को न्यूनतम पारा गिरकर 8 डिग्री पर पहुंच गया। वही अधिकतम पारा भी 4 डिग्री लुडक़ कर 19 डिग्री पर पहुंचा।
नए साल से फिर शुरू होगा हाड़ कंपा देने वाली ठंड का दौर
इसके अलावा मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक जिले में शीतलहर के साथ घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। साथ ही बताया है कि नए साल से एक बार फिर तेज सर्दी का दौर शुरू हो जाएगा।
Published on:
30 Dec 2024 12:19 am
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