
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/बारां। गेहूं के भावों में वैश्विक बाजार में मांग के कारण भावों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसके चलते गेहूं व आटा आमजन की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को मंडी के खुले बाजार में करीब सौ रुपए की मंदी रही। मंडी में अधितम 29 सौ रुपए प्रति क्विंटल तक के भावों में गेहूं की बिक्री हुई। साथ ही मशीन क्लीन व सोर्टेक्स गेंहू 3 हजार 250 से 3 हजार 300 रुपए प्रति क्विंटल तक रहे। बाजार विशेषज्ञों की माने तो गेहूं के भावों में अभी और इजाफा हो सकता है।
पैकिंग आटे के भाव भी आसमान पर:
शहर के स्थानीय खुदरा बाजार में निरन्तर आटे के भावों में इजाफा हो रहा है। पैकिंग आटे में जहां लोकल ब्रांड का आटा प्रति दस किलो बैग 350 रुपए में बिक रहा है। तो बड़े ब्रांड का आटा 450 रुपए प्रति बैग तक पहुंच गया है। इसके चलते आमजन की जेब पर अब आटा भी भारी पड़ने लगा है।
मंडी में हो रही गेहूं की आवक भी कम:
स्थानीय कृषि उपज में भी इन दिनो गेहूं की कम ही आवक हो रही है। करीब एक हजार से दो हजार कटटे ही गेहूं की आवक हो रही है। मंडी में गत दिनों गेहूं के भाव 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। जो कि शुक्रवार को फिर से सौ रुपए की मंदी के साथ 29 सौ रुपए पर पहुंच गए।
यह है भावों में बढ़ोतरी के कुछ प्रमुख कारण:
पिछले साल हुए कम उत्पादन और रूस यूक्रेन के कारण बढ़ी मांग से देश में गेहूं का भाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। साल भर में गेहूं का रेट 16 फीसदी बढ़ चुका है। और अब देश के कई राज्यों में भाव 3000 रुपए क्विंटल को पार कर गया है। जानकारी के अनुसार पूर्वी भारत की मंडियों में तो गेहूं नाम मात्र का बिकने आ रहा है। गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी से ऊपर बिक रहा है। गेहूं महंगा होने से आटे का रेट भी बढ़ गया है। पिछले एक साल में आटे का भाव 19 फीसदी चढ़ चुका है। और अब यह 35 से 45 रुपए किलो मिल रहा है।
गेहूं की कम सप्लाई से मांग में तेजी:
सरकार ने गेहूं की एमएसपी 2022 में 2015 रुपए प्रति क्विंटल और इस साल 2125 रुपए तय की थी। लेकिन गेहूं खुले बाजार में 34 सौ रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। गेहूं की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर बाजार जानकारों का कहना है कि खुले बाजार से गेहूं की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है। मंडियों में गेहूं का स्टॉक बहुत कम है। वहीं उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं गुजरात से आ रहा है। हरियाणा और पंजाब में भी व्यापारियों और किसानों के पास ज्यादा गेहूं उपलब्ध नहीं है। जिनके पास गेहूं का स्टॉक है, वे भाव में बढ़ोतरी होने के कारण उसे बेच नहीं रहे हैं। ऐसे में बाजार में गेहूं की कम सप्लाई से मांग में लगातार तेजी बनी हुई है। कई आटा मिलों को भी गेहूं मिलने में मुश्किल होने लगी है।
इस वर्ष गेहूं का उत्पादन ज्यादा होने का अनुमान:
जानकारों की माने तो इस वर्ष देश में लगभग 11.2 करोड़ टन तक गेहूं का उत्पादन हो सकता है। जो कि पिछले साल हुए उत्पादन से लगभग 50 लाख टन ज्यादा है। इस वर्ष विभिन्न किस्मो की काफी अधिक बुवाई की गई है। सरकार ने गेहूं व गेहूं के आटे की बढ़ती किमतो पर अंकुश लगाने के लिए 25 जनवरी को बफर स्टॉक से 30 लाख टन गेहूं खुले बाजार में बेचने की घोषणा की थी। इसे एफसीआई द्वारा अगले दो माह में विभिन्न माध्यमों से बेचा जाएगा।
Published on:
28 Jan 2023 05:00 pm
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