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Rajasthan Politics : नरेश मीणा की गिरफ्तारी से क्यों गर्माया माहौल? जानें वजह

Rajasthan Assembly Election 2023 : बारां में इन दिनों सियासी पारा कुछ ज़्यादा ही गर्माया हुआ है। यहां कांग्रेस पार्टी के युवा नेता ने सरकार में मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। इन दोनों के बीच अदावत राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक गरमाई हुई है।

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हरनावदाशाहजी, बारां।

राजस्थान के बारां में इन दिनों सियासी पारा कुछ ज़्यादा ही गर्माया हुआ है। यहां कांग्रेस पार्टी के युवा नेता ने सरकार में मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। इन दोनों के बीच अदावत राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक गरमाई हुई है। नरेश मीणा राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ महासचिव भी रह चुके हैं।

पहले गिरफ्तारी, फिर छोड़ा

कांग्रेस नेता नरेश मीणा को पुलिस ने गुरुवार रात को हरनावदा शाहजी इलाके में हिरासत में ले लिया। हालांकि देर रात तक पुलिस ने मीणा की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन मीणा ने सोशल मीडिया पर खुद की गिरफ्तारी का लाइव वीडियो डाला। यह गिरफ्तारी पिछले दिनों अटरू थाना इलाके में गऊघाट रोड पर निजी बस जलाने और हंगामे के मामले में बताई गई है।

मीणा को छबड़ा में एक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने रास्ते से हिरासत में लिया। यहां से पुलिस उसे हरनावदाशाहजी थाने ले गई। सूचना मिलने पर मीणा के कुछ समर्थक थाने के बाहर जमा हो गए, जिन्हें पुलिस ने खदेड़ दिया। यहां पहुंचे छबड़ा पुलिस उप अधीक्षक अपने साथ जीप में लेकर छीपाबड़ौद की तरफ रवाना हो गए। देर रात तक पुलिस के आलाधिकारी गिरफ्तारी की पुष्टि करने से बचते रहे।

इधर गुरुवार रात को छबड़ा थानाधिकारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने नरेश मीणा, धर्मा धाकड़ समेत 50 जनों के खिलाफ रास्ता जाम करने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया। पुलिस के अनुसार नरेश के खिलाफ जयपुर समेत जिले के विभिन्न थानों में 17 मुकदमे दर्ज हैं। यह मुकदमे जयपुर और बारां जिले में दर्ज हुुए हैं, जिनमें मारपीट, आगजनी और रास्ता रोकने जैसे अपराध शामिल है।

जमानत पर हुए बरी, समर्थकों में ख़ुशी

पुलिस गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद नरेश मीणा को जमानत पर छोड़ दिया गया। उनकी रिहाई से समर्थकों के बीच ख़ुशी का माहौल देखा गया।

मंत्री पर गंभीर आरोप

दो दिन पहले ही नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पर लाइव संवाद में मंत्री भाया पर छवि खराब करने और कुछ जाति विशेष के लोगों के बीच गलत संदेश देने के गंभीर आरोप लगाए थे।

मुआवजे की मांग, किसानों का प्रदर्शन

बारां/छबड़ा. बकाया बीमा क्लेम के भुगतान व फसल खराबे के मुआवजे की मांग को लेकर गुरुवार को छबड़ा उपखंड मुख्यालय पर गुरुवार को भारी संख्या में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 6 घंटे तक चले प्रदर्शन में कई बार टकराव के हालात बने। एक प्रशासनिक अधिकारी के जवाब से नाराज किसान कोटा-गुना लाइन स्थित गुगोर रेलवे ट्रेक पर जा पहुंचे। यहां करीब एक घंटे तक जमे रहने के बाद वे वापिस कस्बे में लौटे। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की की।

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कई गांवों से किसान ट्रैक्टर ट्रॉली, चार और दो पहिया वाहनों से छबड़ा के कृषि उपज मंडी में एकत्रित हुए। यहां से किसान नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और छबड़ा सालपुरा मार्ग पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। यहां वक्ता धरमा धाकड़ , नरेश मीणा, जयनारायण नागर समेत कई जनों ने किसानों को संबोधित किया।

तहसीलदार ने किसानों की मांग को लेकर एडीएम एसएन आमेठा से फोन पर बात की। इस दौरान एडीएम की एक बात से प्रर्दशनकारी नाराज हो गए और सार्वजनिक माफी की मांग पर अड़ गए। इसके बाद वे रेलवे ट्रेक जाम करने की बात कहते हुए गुगोर क्रासिंग फाटक पर पहुंच गए। वे यहां पटरी के किनारे करीब एक घंटे तक खड़े रहे। इस दौरान कुछ लोगों के रेलवे ट्रेक पर डेरा डालने से नाराज धर्मा धाकड़ आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर वापस लौट गए।

डीएसपी ने फिर से कराई बात

पुलिस उप अधीक्षक नेत्रपाल सिंह ने एडीएम से उनकी बात करवाई। एडीएम के अपने शब्दों पर खेद जताने के बाद प्रदर्शनकारी कस्बे में आ गए। यहां बिजली विभाग के बाहर कई लोग अर्द्धनग्न होकर धरने पर बैठ गए। बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना प्रर्दशन खत्म हुआ।

रूट पर परिचालन 1 घंटे बाधित रहा

प्रदर्शनकारियों के रेलवे ट्रेक पर पहुंचने पर रेलवे प्रशासन इस रूट पर आ रही मालगाडियों को कैशोली व भुलोन स्टेशन पर रोकना पड़ा। इससे लगभग एक घंटे तक मालगाडिय़ां रुकी रही। किसानों के हटने के पश्चात मालगाडिय़ों को रवाना किया गया। आरपीएफ कमांडेंट ए नवीन कुमार ने बताया कि ट्रेक पर किसानों की भीड़ को कानूनी बिंदूओं को दिखवा रहे है। उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।