
महात्मा गांधी स्कूल की फाइल फोटो: पत्रिका
Baran News: पूर्ववर्ती सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश में सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम करते हुए महात्मा गांधी स्कूलों की शुरूआत की थी। इसका मंतव्य यह था कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी निजी की तरह अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कर सकें। ऐसे में बड़ी संख्या में या तो नए स्कूल खोले गए या फिर मौजूदा को क्रमोन्नत कर अंग्रेजी माध्यम कर दिया गया। हालांकि इनमें भी अन्य सरकारी स्कूलों की तरह समस्याओं की कमी नहीं है। कई जगह नामांकन की कमी, ज्यादातर जगह अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की कमी से जूझते इन स्कूलों में अब सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। ऐसे में अब महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया हिंदी मीडियम की तर्ज पर होगी। इसके तहत पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान दाखिला लिया जा सकेगा।
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया 15 जून को पूरी हो गई थी। ऑनलाइन भरे गए आवेदनों की लॉटरी 17 जून को निकाली गई थी। इसके तहत लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों ने 5 जुलाई तक स्कूल में प्रवेश लिया। इसके बाद पूर्व प्राथमिक बाल वाटिका कक्षाओं में तय सीट से कम आवेदन या विद्यार्थी प्रवेश लेतें हैं तो रिक्त सीटों के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन लेकर प्रवेश दिया जा सकता है। इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। सीट खाली होने पर संस्था प्रधान की ओर से पूरे साल आवेदन करने पर विद्यार्थी को प्रवेश देकर अध्ययन करवाया जाएगा।
पूर्व प्राथमिक बाल वाटिका कक्षाओं की शेष सीटों के लिए सत्र पर्यंत आवेदन ऑफलाइन व ऑनलाइन किया जा सकते हैं। अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक में भी रिक्त सीटों पर पूरे सत्र ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन लिए जा सकते हैं। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कक्षा नवी से बारहवीं तक रिक्त सीटों पर ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन शिविरा पंचांग 2025-26 में सामान्य हिंदी विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश नियमों तथा विभाग के निर्देशों के अनुसार आवेदन लिए जा सकते हैं।
अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में रिक्त सीटों पर प्रवेश ऑनलाइन या ऑफलाइन करने पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इसका अर्थ यह है कि विद्यालय की संबंधित कक्षा रिक्त सीट है तो आवेदन करने वाले विद्यार्थी को वही विद्यालय आवंटित किया जाएगा। इससे अभिभावक सीधे उसी विद्यालय में प्रवेश के लिए दस्तावेज पेश कर सकेंगे।
नामांकन प्रक्रिया लाटरी के माध्यम से करवाई गई थी। इससे अपेक्षित नामांकन नहीं होने के कारण अब राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशो की पालना संबधित विद्यालयों से करवाई जाएगी।
गेंदालाल रेगर, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, बारां
Updated on:
10 Jul 2025 10:14 am
Published on:
10 Jul 2025 09:24 am
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