
सूर्य ग्रहण (फोटो: पत्रिका)
solar Eclipse Effect: श्राद्धपक्ष के पहले दिन पूर्णिमा तिथि पर खंडग्रास चंद्र ग्रहण का साया रहा। वहीं पितृपक्ष के आखिरी दिन यानी सर्वपितृ अमावस्या पर सूर्य ग्रहण पड़ने जा रहा है। हालांकि ये सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा ऐसे में इसका असर राजस्थान में भी नहीं होने पर इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा।
भारतीय समय के अनुसार आंशिक सूर्यग्रहण का प्रारंभ 21 सितंबर को रात 10.59 बजे होगा। मध्य की स्थिति मध्य रात्रि 1.11 बजे पर होगी। इस समय सूर्य का 85.5 प्रतिशत भाग ढंका रहेगा। मोक्ष की स्थिति मध्य रात्रि 3.23 बजे पर होगी। यह ग्रहण न्यूजीलैंड, पूर्वी मेलानेशिया, दक्षिणी पोलिनेशिया व पश्चिमी अंटार्कटिका में दिखाई देगा।
4 दिन सर्वार्थ सिद्धि, 2 दिन अमृत सिद्धि, 2 दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग : पितृ पक्ष में 4 दिन सर्वार्थ सिद्धि, 2 दिन अमृत सिद्धि और 2 दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग पड़ने जा रहा है, जो खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
सर्वार्थ सिद्धि योग 9 सितंबर को सूर्योदय से रात 8.53 तक, 11 सितंबर को सूर्योदय से शाम 5.47 तक, 13 सितंबर को दोपहर 2.27 से रात 1.05 तक, 15 सितंबर को सूर्योदय से सुबह 11.24 बजे तक, अमृत सिद्धि योग 13 सितंबर को दोपहर 2.27 से रात 1.05 तक, 15 सितंबर को सूर्योदय से 11.24 बजे तक, पुष्य नक्षत्र 17 सितंबर को सुबह 9.15 से 18 सितंबर को सुबह 9.43 तक रहने वाला है।
Updated on:
10 Sept 2025 12:18 pm
Published on:
10 Sept 2025 12:18 pm
