
मांगरोल, बारां। देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शहीद चंद्रशेखर की प्रतिमा नगरपालिका के एक कमरे में कैद धूल खा रही है। देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा बरसों पहले इटावा रोड पर नदी की पुलिया के पास स्थापित की थी। तब से ही इस स्थल को आजाद तिराहे के नाम से जाना जाने लगा। प्रतिमा का उदघाटन करने तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत आए थे। लेकिन इटावा रोड से बारां रोड को चौड़ा करने के समय इसे हटाकर नगरपालिका में कैद कर दिया गया।
बरसों से नगरपालिका में कैद इस प्रतिमा को तीन बरस पहले चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर युवाओं ने नगरपालिका में धरना देकर प्रतिमा उपयुक्त स्थान पर स्थापित करने की मांग की। आश्वासन के तीन बरस बीत जाने के बाद भी नगरपालिका आजाद की प्रतिमा के लिए स्थान तय नहीं कर सकी है। यही हाल एकात्म मानववाद के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का हो रहा है। जनसंघ के संस्थापक सदस्य रहे पंडित दीनदयाल की प्रतिमा भी सीसवाली तिराहे से हटा दी गई। इसे भी स्थापित करने में नगरपालिका ने रुचि अब तक कोई रुचि नहीं ली।
Updated on:
30 Jun 2024 09:20 pm
Published on:
30 Jun 2024 08:35 pm
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