
भद्रा की उपस्थिति में राखी बांधना ठीक नहीं है। इसलिए बहनों को भद्रा काल के बाद ही राखी बांधनी चाहिए।
आज मना रहे हैं स्नेह के धागों का रक्षा‘बंधन’
Rakshabandhan : बारां. सनातन धर्म में रक्षाबंधन का पर्व बहुत ही खास और शुभ माना जाता है। भाई बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व ङ्क्षहदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर भाई लंबी उम्र की कामना के साथ रक्षा का वचन लेती है।ज्योतिषाचार्य आचार्य सुगन नागर ने बताया कि 19 अगस्त, सोमवार को प्रात: 3.04 बजे पूर्णिमा तिथि लग रही है और यह तिथि रात 11.56 बजे तक रहेगी। इस दिन सुबह 5.53 बजे से भद्राकाल शुरू होगा। जो दोपहर 1.30 बजे समाप्त होगा। इस दिन चंद्रमा मकर राशि में होने के कारण भद्रा का निवास पाताल में रहेगा। पृथ्वी लोक पर भद्रा का निवास नहीं होगा। शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी लोक की भद्रा को अशुभ माना जाता है। भद्रा की उपस्थिति में राखी बांधना ठीक नहीं है। इसलिए बहनों को भद्रा काल के बाद ही राखी बांधनी चाहिए।
राशि के अनुसार यह है स्थिति
ज्योतिष शास्त्र में राशि के अनुसार बहिन भाई की कलाई पर राखी बांध सकती है। इससे भाई व बहन दोनों के ग्रह मजबूत होते हैं।
मेष राशि के भाई को लाल रंग की राखी बांधना चाहिए। इससे भाई और बहन दोनों का मंगल ग्रह मजबूत होता है।
वृष राशि वाले भाई को सफेद या सिल्वर कलर की राखी बांधनी चाहिए। इससे शुक्र ग्रह मजबूत होगा।
मिथुन राशि वाले भाई को हरे रंग की राखी बांधनी चाहिए। इससे बुध ग्रह मजबूत होगा।
कर्क राशि वाले भाई को सफेद या मोती से बनी राखी बांधना चाहिए। इससे चंद्र ग्रह मजबूत होगा।
सिंह राशि वाले भाई को पीली या लाल रंग की राखी बांधनी चाहिए। इससे सूर्य ग्रह मजबूत होगा।
कन्या राशि वाले भाई को हरे रंग की राखी बांधना चाहिए। इससे बुध ग्रह मजबूत होगा।
तुला राशि वाले भाई को सफेद रंग की राखी बांधना चाहिए। जिससे चंद्रमा और शुक्र ग्रह मजबूत होगा।
वृश्चिक राशि वाले भाई को लाल रंग की राखी बांधना चाहिए। इससे मंगल ग्रह मजबूत होगा।
धनु राशि वाले भाई को पीले रंग या रेशमी राखी बांधनी चाहिए। इससे बृहस्पति ग्रह मजबूत होगा।
मकर राशि वाले भाई को नीले रंग की राखी बांधनी चाहिए। इससे शनि ग्रह मजबूत होगा।
कुंभ राशि वाले भाई को आसमानी रंग की राखी बांधनी चाहिए। इससे शनि ग्रह मजबूत होगा।
मीन राशि वाले भाई की कलाई पर पीले रंग की राखी बांधनी चाहिए जिससे बृहस्पति ग्रह मजबूत होगा।
यह है शुभ मुहूर्त
शास्त्रानुसार भद्रा टाली जाती है, परन्तु पाताल लोक में भद्रा होने के कारण अशुभ नहीं होगी और पूरे दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जा सकता है। शुभ मुहूर्त में बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती है। फिर भी यदि बहिनें भद्रा टालकर रक्षासूत्र बांधना चाहे तो दोपहर 1.30 बजे तक भद्रा रहेगी। शुभ समय दोपहर 2.04 बजे से सांय 8.17 बजे तक सर्वश्रेष्ठ समय है।
ऐसे बांधे राखी
राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व और बहन का मुख पश्चिम की ओर होना चाहिए। दाहिने हाथ की कलाई में राखी बांधना चाहिए। छोटे भाई को अंगूठे और बड़े भाई को अनामिका उंगली से माथे पर दीप शिखा की तरह टीका लगाना चाहिए। उसके बाद आरती उतारकर भाई का मुंह मीठा कराना चाहिए। भाई को भी बहन को धन, कपड़े या क्षमता के अनुसार दक्षिणा या उपहार देनी चाहिए।
शुभ मुहूर्त में होगी श्रवणजी की पूजा
कई ज्योतिषाचार्य भद्रा का असर नहीं बताते हुए कह रहे हैं कि श्रवणजी की पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 9.15 से 11 बजे तक रहेगा। इस समय काल में पूजन किया जा सकता है। इसमें राहुकाल भी नही रहेगा। वहीं भद्रा पाताल लोक की होने के कारण इसका किसी तरह से कोई प्रभाव नही पड़ेगा। वहीं कई ने भद्रा टालकर पूजन दोपहर 2.04 बजे के बाद करने की बात कही है।
Published on:
19 Aug 2024 12:10 pm
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