
कई किसानों के खेत तक जाने का रास्ता तक नहीं बचा। चारों ओर पानी का भराव होने के चलते उन्हें खाद-बीज, बैल व कृषि उपकरण नाव में रखकर ले जाने पड़ते हैं।
किशनगंज. हीकड़दह के भराव क्षेत्र में आ रहीं डूब क्षेत्र की कृषि भूमि के कारण कई किसानों के खेत डूब गए हैं। ऐसे में वे यहां पर खेती नहीं कर पा रहे। ऐसे में बड़े इलाके में जमीन पड़त रह जाती है। कई किसानों के खेत तक जाने का रास्ता तक नहीं बचा। चारों ओर पानी का भराव होने के चलते उन्हें खाद-बीज, बैल व कृषि उपकरण नाव में रखकर ले जाने पड़ते हैं।
विधानसभा प्रभारी छीतर हाड़ा ने बताया कि बारां शहर की पेयजलापूर्ति के लिए पार्वती नदी पर एनिकट बनाया गया था। इसके भराव क्षेत्र में नदी के बीच स्थित किसानों की कृषि भूमि डूब में आ गई है। कृषि भूमि के चारों ओर पानी का भराव हो जाने से खेतों पर जाने वाला रास्ता बंद हो गया है।
इसके कारण खेत प्रति वर्ष पड़त रहते हैं। कुछ किसान हल, बैल, खाद-बीज नाव में लेकर पहुंचते हैं। पहले जलदाय विभाग ने खेतों पर आने जाने के लिए पुलिया निर्माण का आश्वासन दिया था। किन्तु अब विभाग पुलिया बनाने से भी इनकार कर रहा है। किसान महापंचायत कार्यकर्ताओं की बैठक 2 मार्च दोपहर को ग्राम भकरावदा में आयोजित की जाएगी। बैठक में समस्या के समाधान के लिए निर्णय लिया जाएगा। साथ ही किसानों की सरसों एमएसपी से कम भाव पर नहीं बेचने के लिए भी अपील की जाएगी।
Updated on:
01 Mar 2025 07:33 pm
Published on:
01 Mar 2025 11:37 am
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