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ये क्या…अंता कांग्रेस में विद्रोह!

सियासी ड्रामा : अन्ता में पार्टी कार्यकर्ता आक्रोशित
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 16 Dec 2020, 12:17 AM IST

ये क्या...अंता कांग्रेस में विद्रोह!

ये क्या...अंता कांग्रेस में विद्रोह!

अन्ता. कांग्रेस की ओर से पालिकाध्यक्ष पद के लिए मुस्तुफा खान को अधिकृत घोषित किए जाने के बाद यहां पार्टी में विद्रोह के स्वर गूंज उठे हैं। नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद चुनाव हारे पार्षदों सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता नगर अध्यक्ष चन्द्र्रप्रकाश मीणा के आवास पर आ जुटे। जहां इन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि उनका विरोध किसी विशेष से नहीं है। किन्तु पिछले कार्यकाल में जिस पार्षद व्यक्ति के पास पालिकाध्यक्ष का 'रिमोट' था उसे प्रमोट कर इस बार पालिका की 'सम्पूर्ण चाबीÓ सौंपी जा रही है। जो जन भावनाओं के कतई विपरीत है।

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कांग्रेस के श्याम सोनी, मनोज त्यागी, बबलू मालव, ललित गालव, मुकेश गुप्ता, हरीश भंडारी, चन्दू माहेश्वरी, मनमोहन मीणा, रामावतार सोनी आदि ने स्पष्ट कहा कि पिछले कांग्रेस बोर्ड में जमकर हुआ एकतरफा भ्रष्टाचार जनता की आंखों में खटक रहा है। इस कारण यहां पहले से पार्टी की छवि धूमिल होने के कारण कई वार्डों में तो चुनाव लडऩे के इच्छुक प्रत्याशी ही नहीं मिले। उसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने रात दिन एक कर मुकाबला 16-16 की बराबरी पर ला दिया। किन्तु अब उन सब सहित जनता की इच्छा के विपरीत प्रत्याशी अधिकृत कर दिए जाने से वह आक्रोशित हैं। कार्यकर्ताओं ने इसका दोष पार्टी पर्यवेक्षकों पर डालते हुए चेतावनी दी कि जिन वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव में पार्टी प्रत्याशी को हराने का काम किया। उन्हें निष्कासित ना किए जाने पर वह कांग्रेस से सामूहिक त्यागपत्र दे देंगे। इस दौरान रजत जैन, पूर्व पार्षद मुर्तजा अंसारी सहित दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे। जिन्होंने इस निर्णय के खिलाफ नारेबाजी भी की।

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भाजपा की राह आसान कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ी
अन्ता में कांगे्रस पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं में दोफाड़ हो जाने से अब यहां पालिकाध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर खण्डेलवाल की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। वहीं राजनीति के जानकार तो कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की संभावना भी जताने लगे हैं। ऐसे में जहां भाजपा की राह आसान हो गई। वहीं अन्ता विधायक एवं मंत्री कांगे्रस के दिग्गज नेता प्रमोद जैन भाया की मुश्किलें बढ़ चली हैं।

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चुनाव जीते कांग्रेस नगर अध्यक्ष बाड़ाबंदी छोड़ घर लौटे
कांगे्रस में मची कलह की हलचल के बीच चुनाव जीते कांग्रेस नगर अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश मीणा भी बाड़ाबंदी तोड़ घर आ गए हैं। हालांकि मीणा ने इसके पीछे अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया। किन्तु यह भी कहा कि पिछले कार्यकाल में पालिका में हुए भ्रष्टाचार के बावजूद फिर से पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी का चयन करने में अधिकांश विजयी पार्षदों की राय दरकिनार कर दिए जाने से पार्टी पदाधिकारियों सहित यहां के दर्जनों कार्यकर्ताओं में रोष है। जिसके परिणाम आगामी किसी भी चुनाव में कांग्रेस पार्टी के लिए दुखदायी होंगे।