धर्मेन्द्र का गांव यहां से मात्र तीन किलोमीटर दूर है। परिवार के पास 15-20 बीघा जमीन है। ग्रामवासियों के अनुसार धर्मेन्द्र की प्रवृत्ति शुरू से ही घर ना टिककर इधर उधर घूमने की रही। इन हरकतों के कारण पत्नी छोड़ गई। वहीं पिता, भाई एवं अन्य परिजनों ने भी दूरी बना ली। किन्तु सवाल यह है कि अब ऐसे हालात में उसे अकेला छोड़ देना कहां तक उचित है। इस सम्बन्ध में 'पत्रिका' की सूचना पर उपखण्ड अधिकारी रजत विजयवर्गीय ने मामला दिखवाने की बात कही है। वहीं अन्ता अस्पताल के सर्जन डॉ. वीएन तिवारी के अनुसार यह केस उनकी जानकारी में नहीं है। किन्तु धर्मेन्द्र का ऑपरेशन कोटा अस्पताल में ही किया जा सकता है। इसके लिए साथ में किसी का जाना जरूरी है।