पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया और जांच में अपराध प्रमाणित होने पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध चालान न्यायालय में पेश किया, जहां एडीजे ने दोनो को दोषी पाते हुए आजीवन की सजा से दंडित किया। पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मोबाइल कॉल डिटेल की मदद ली थी, जिससे यह मामला खुला था।