
200 करोड़ की ठगी के आरोपी राजेश मौर्य से बरामद हुए सिर्फ 1.96 लाख रूपये
मुकदमा हुआ था दर्ज
राजेश मौर्य की कम्पनी श्रीगंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड में तमाम लोगों प्रॉपर्टी और क्रिप्टो करेंसी में निवेश किया था जब राजेश मौर्य ने निवेशकों का रुपया नहीं वापस किया तो राजेश मौर्य की कम्पनी में निवेश करने वाले निवेशक अनिल साहू ने बरादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।ठगी के मामले में बरादरी थाना क्षेत्र की चंद्रगुप्त कॉलोनी में रहने वाले राजेश मौर्य, उसके भाई मनोज मौर्य और दिनेश मौर्य,एजेंट अजय मौर्य, विश्वनाथ मौर्य, कृष्णनाथ मौर्य, शिवनाथ मौर्य और संदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।पुलिस ने राजेश मौर्य को 27 जुलाई को हिरासत में लिया था तब से उससे पूछताछ चल रही थी।
मीडिया के सामने लाया गया महाठग
11 दिन की पूछताछ के बाद पुलिस ने कोर्ट ले जाने के पहले महाठग राजेश मौर्य को मीडिया के सामने पेश किया। प्रेस कांफ्रेस में एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान 135 निवेशकों के दस्तावेजों की जांच की। पुलिस को अभी तक 67 करोड़ के निवेश की जानकारी मिली है। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में आठ कार सीज की गई है और 21 बैंक खतों में पड़े करीब 10 लाख रूपये भी सीज किए गए है। पुलिस ने 1,96,250 नगद, एक लैपटॉप, एक टैबलेट और दो मोबाइल फोन राजेश मौर्य से बरामद किए है।
जीवन भर की पूँजी गंवा बैठे निवेशक
ठग राजेश मौर्या ने शहर भर में 160 फ्रेंचाइजी खोल रखी थी। एक फ्रेंचाइजी के लिए 2 लाख रुपये लेता था और फिर उसे हर महीने 10 हजार रुपये और ऑफिस का खर्च देता था। आरोपी राजेश मौर्य और उसके साथी एजेंट लोगों को डेढ़ साल और ढाई साल के निवेश की गई रकम की दोगुनी रकम के चेक काटकर देते थे। कई लोगों को उन्होंने प्लाट की भी रजिस्ट्री कराई। किसी ने घर बेचकर कंपनी में पैसा लगाया तो किसी ने घर गिरवी रखकर, तो किसी ने अपनी पत्नी के गहने बेचकर या गिरवी रखकर अपना पैसा लगाया।
Published on:
6 Aug 2018, 5:01 PM IST
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