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तिरंगा यात्रा से पहले तौकीर रजा समेत 5 नजरबंद, धारा 144 लागू, जानें पूरा मामला

मौलाना तौकीर रजा समेत 5 लोगों को दिल्ली कूच करने से पहले नजरबंद कर दिया गया है। इस मामले की पुष्टि खुद डीएम ने की है।

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बरेली

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Aman Pandey

Mar 15, 2023

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आइएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के तिरंगा यात्रा निकालने के ऐलान के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस ने तिरंगा यात्रा से पहले मौलाना तौकीर समेत 5 नेताओं को नजरबंद कर लिया है। सभी नेताओं के घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात है। शहर में धारा 144 लगा दी गई है। इसके बाद से तनाव बढ़ गया है।

दरअसल, मौलाना तौकीर रजा की ओर से निकाली जाने वाली तिरंगा यात्रा का मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध किया है। इसी के तहत भारत विचार मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता मौलाना नाजिम अशरफी ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार से मांग की थी कि ऐसी यात्रा पर बैन होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि जो व्यक्ति कैमरों के सामने बम फोड़ने जैसी बयानबाजी करके मुस्लिम युवकों को भड़का रहा है, वह दिल्ली तक न जाने किस तरह के फसाद करा सकता है।

"हमारे सब्र का इम्तिहान लिया गया इम्तिहान"
आपको बता दें कि एक मार्च को बरेली में पत्रकारवार्ता कर इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने कहा था कि पुलिस सरकार के अनुसार काम कर रही है। हम सरकार के खिलाफ 15 मार्च को 10 बजे झुमका चौराहा से पैदल दिल्ली कूच करेंगे। हाथों में तिरंगा लेकर चलेंगे। हमारे सब्र का इम्तिहान लिया गया है। हम सड़कों पर निकलते हैं और माहौल खराब हुआ तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

मोहल्ला सौदागरान स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर मौलाना तौकीर रजा ने कहा कहा था "देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत का माहौल बना दिया गया है। कथित धार्मिक संगठनों के द्वारा फर्जी इल्जाम लगाकर हमारे नौजवान बच्चों के साथ मारपीट और हत्या तक की जा रही है। हत्यारों की हिमायत में कथित संगठनों और उनके सहयोगियों की तरफ से खुलकर हिमायत की जा रही है।"

"यात्रा का राजनीति से कोई वास्ता नहीं है"
उन्होंने आगे ऐलान किया था "ऐसे संगठनों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। राजनीतिक दवाब में मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है। इससे मजबूर होकर हमें दिल्ली कूच का ऐलान करना पड़ रहा है। इस कूच का राजनीति से कोई वास्ता नहीं है, जो लोग देश में नफरतों को खत्म करना चाहते हैं सबका स्वागत है। 17 मार्च को नमाज-ए-जुमा मुरादाबाद में अदा की जाएगी। 21 मार्च को राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया जाएगा।"