
बरेली। शहर के सुभाषनगर इलाके में मावे से बनी पिन्नी खाने के बाद एक ही परिवार के सात लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त और बेचैनी की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने फूड प्वाइजनिंग की पुष्टि की है।
घटना के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा विभाग (एफएसडीए) की टीम ने मौके पर पहुंचकर डेयरी पर छापा मारा और मावे के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेज दिए हैं। पुलिस ने दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर नमूनों में मिलावट या अमानक स्तर की पुष्टि हुई तो दोषी पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बीडीए कॉलोनी निवासी शोभित सक्सेना ने बताया कि उनकी मां विनिता सक्सेना ने सोमवार सुबह पूजा-पाठ के लिए मावे की पिन्नी बनाने को कहा था। उन्होंने चौहान मार्केट स्थित गुर्जर डेयरी से सवा किलो मावा खरीदा और सुबह 10 बजे पिन्नी तैयार कर परिवार की महिलाओं दीपिका, सोना, काव्या, विशाखा और बच्चों तेजस (1.5 वर्ष) व दीप (6 वर्ष) को खिलाई। कुछ ही घंटे में सबकी तबीयत बिगड़ने लगी। दोपहर 1 बजे के करीब सभी को उल्टी और दस्त शुरू हो गए। हालत गंभीर होती देख शाम 6 बजे सभी को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने फूड प्वाइजनिंग की पुष्टि कर भर्ती कर लिया।
ईएमओ डॉ. शैलेश रंजन ने बताया कि सभी मरीजों में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पाए गए हैं। बच्चों को विशेष निगरानी में रखा गया है। सभी को इलाज दिया जा रहा है, अब स्थिति नियंत्रण में है। जब परिजनों ने डेयरी संचालक से संपर्क किया तो उसने शुरुआत में मावा अधिक मात्रा में खाने की बात कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। लेकिन जब सभी की हालत बिगड़ गई तो परिवार ने थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और डेयरी से मावा व अन्य उत्पादों के सैंपल लिए। फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि नमूनों को सील कर लखनऊ की प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। थाना सुभाषनगर के प्रभारी जितेंद्र सिंह के अनुसार, परिजनों की तहरीर पर मावा विक्रेता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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Published on:
01 Jul 2025 12:55 pm
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