
बरेली के रहने वाले 8 साल के बच्चे की बीते हफ्ते मौत हो गई थी। परिवार के साथ उत्तराखंड के रुद्रपुर में रह रहा 8 साल का ये बच्चा 3 दिसंबर को मृत मिला था। परिवार ने मौत को स्वाभाविक मानते हुए उसे दफना दिया, लेकिन मां ये मानने को तैयार नहीं थी कि उसका बेटा स्वाभाविक मौत मरा है।
बच्चे की मां को अपने बेटे की हत्या किए जाने का शक था। उन्होंने डीएम से मामले की जांच के लिए गुहार लगाई। इस पर कार्रवाई करते हुए डीएम ने शव के पोस्टमार्टम के आदेश दिए। इसके बाद रविवार शाम को जमीन खोदकर शव को निकाला गया और पोस्टमार्टम कराया गया।
उत्तराखंड में मजदूरी के लिए गया था परिवार
बरेली के रहने वाले मनोज उत्तराखंड के रुद्रपुर में मजदूरी करते थे। किराए के मकान में दोनों अपने बच्चों के साथ रह रहे थे। 3 दिसंबर की सुबह दोनों बच्चे पारस को घर छोड़कर काम पर गए थे। दोपहर बाद जब दोनों घर लौटें तो देखा उनका बेटा पारस चारपाई पर बदहवास पड़ा हुआ है।
उन्होंने आवाज लगाई तो बच्चे ने कोई जवाब नहीं दिया। लता पास गई और बच्चे को उठाने की कोशिश की तो देखा कि पारस मर चुका था। मकान मालिक से पूछा गया तो उसने बताया कि बच्चे की अचानक मौत हो गई।
गले में फंदा देखकर हुआ माता-पिता को शक
मनोज ने बताया कि, “बच्चे की जीभ निकली हुई थी। गले मे दुपट्टा लगा था। उस समय हमें लगा कि बच्चे की मौत नहीं उसकी हत्या हुई है। हमनें पुलिस को बुलाने के लिए कहा पर हमारी किसी ने मदद नहीं की। मौके पर मकान मालिक ने और आसपास के लोगों ने हमें डराया धमकाया। जबरदस्ती बरेली भेज दिया। पारस 8 साल का था जिस वजह से हमनें उसके शव को दफना दिया।
DM ने मजिस्ट्रेट को दिया आदेश
मनोज की पत्नी लता ने डीएम बरेली से शिकायत की। साथ ही गुहार लगाई की हमें इंसाफ नहीं मिला। जिसके बाद डीएम बरेली शिवाकांत द्विवेदी के आदेश पर रविवार दोपहर को शव निकाला गया। मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव निकालकर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया।
एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि पूरा मामला उत्तराखंड का है। यहां डीएम के आदेश पर पुलिस ने शव निकलवाया है। बरेली में पोस्टमॉर्टम करा दिया गया है। जो रिपोर्ट आएगी वह उत्तराखंड के थाने को भेजी जाएगी।
Published on:
12 Dec 2022 10:26 am
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