5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

1970 में बांग्लादेश से भारत आई थी महिला, फिर ऐसे बनवा लिए दो पासपोर्ट, जेल भेजी गईं तीन महिलाएं

प्रेमनगर में रह रही बांग्लादेशी नागरिक मुनारा बी और उसकी दोनों बहनें सायरा बानो व तसलीमा को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। जांच में खुलासा हुआ कि मुनारा बी ने वर्ष 1996 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, लेकिन एलआईयू की जांच में उसके बांग्लादेशी होने की पुष्टि पर तत्कालीन एसएसपी ने रोक लगा दी थी।

2 min read
Google source verification

बरेली। प्रेमनगर में रह रही बांग्लादेशी नागरिक मुनारा बी और उसकी दोनों बहनें सायरा बानो व तसलीमा को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। जांच में खुलासा हुआ कि मुनारा बी ने वर्ष 1996 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, लेकिन एलआईयू की जांच में उसके बांग्लादेशी होने की पुष्टि पर तत्कालीन एसएसपी ने रोक लगा दी थी। रोक के बावजूद उसने 2011 और 2012 में दो पासपोर्ट बनवा लिए और इन दस्तावेजों के सहारे उसने नौ बार विदेश यात्राएं कीं।

पुलिस कार्रवाई और पृष्ठभूमि

प्रेमनगर इंस्पेक्टर आशुतोष रघुवंशी की टीम ने गुरुवार को मुनारा बी को मौलानगर से तथा उसकी बहनों सायरा बानो और तसलीमा को हाफिजगंज से गिरफ्तार किया था। तीनों ने फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र (आधार, पैन, वोटर आईडी) बनवा लिए थे।

एसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेसवार्ता में बताया कि तीनों मूल रूप से जिला जेस्सोर, खुलना (बांग्लादेश) के गांव शीकरी की निवासी हैं। पूछताछ में मुनारा बी ने स्वीकार किया कि वह 1970-72 के दौरान मां के साथ भारत आई थी। मां की मौत के बाद उसे बेच दिया गया और भटकते-भटकते वह बरेली पहुंची। यहां मात्र 13 साल की उम्र में उसका निकाह मोहम्मद यासीन उर्फ कल्लू से हो गया और 15 साल की उम्र में पहला बच्चा भी हो गया।


पासपोर्ट घोटाला और विदेश यात्राएं

1996: आवेदन खारिज, बांग्लादेशी साबित।

2011: मुनारा बी के नाम से पहला पासपोर्ट (जन्म वर्ष 1959)।

2012: बहन सायरा बानो के नाम से दूसरा पासपोर्ट (जन्म वर्ष 1973), लेकिन फोटो व बायोमेट्रिक्स मुनारा बी के।

इसी फर्जी पासपोर्ट से उसने 2012 से 2024 के बीच 9 बार विदेश यात्राएं कीं।

4 बार बांग्लादेश

5 बार सऊदी अरब व खाड़ी देशों की यात्रा

पिछले दिनों बांग्लादेशी व रोहिंग्या नागरिकों की जांच सख्त हुई तो उसने सबूत मिटाने के लिए पासपोर्ट जला दिया।

संदेह के घेरे में आलीशान जीवनशैली

मुनारा बी ने दावा किया कि वह घरों में झाड़ू-पोछा और जरी का काम करती है। लेकिन जांच में सामने आया कि उसका दो मंजिला मकान है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, एलईडी टीवी, महंगे मोबाइल, आईपैड जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उसके पास 5 लाख रुपये की एफडी भी मिली है। पुलिस उसकी बैंकिंग डिटेल और फंडिंग स्रोत की जांच कर रही है।

परिवार और नेटवर्क पर नजर

पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों बहनों के अलावा उनके दो भाई भी बांग्लादेश से भारत आए हैं और वर्तमान में नवाबगंज तहसील क्षेत्र में परिवार समेत रह रहे हैं। पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। साथ ही, तीनों के रिश्तों और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले एजेंटों की भूमिका की जांच भी की जा रही है।


बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग