
बरेली। शहर में नसबंदी के बाद कुत्तों की मौज आ रही है। नगर निगम के डाग सेंटर पर कुत्ते सुबह दलिया दूध खा रहे हैं तो शाम को चिकन बिरयानी की दावत उड़ा रहे हैं। नसबंदी के एक सप्ताह तक कुत्ते नगर निगम के मेहमान रहते हैं। नगर निगम के केयर सेंटर में कुत्तों के लिए शाकाहारी, मांसाहारी और सप्लीमेंटस के अलावा बेकरी प्रोडक्ट भी मौजूद हैं। कोई पालतू डॉगी पकड़ा जाता है तो उसकी डाइट अलग है। कुत्ते के लिए खाना स्पेशल रेस्टोरेंट से होम डिलीवरी होता है।
केयर सेंटर में मेहमानों की तरह रहते हैं मोहल्ले के आवारा कुत्ते
नगर निगम की एजेंसी केयर टेकर सोसाइटी फॉर ह्यूमन एंड एनिमल वेलफेयर संस्था के अध्यक्ष गुरचरण जीत सिंह ने बताया है कि कुत्ते को केयर सेंटर लाकर उनकी नसबंदी करते हैं। इसके बाद उनकी एक सप्ताह तक केयर सेंटर में देखभाल की जाती है। उनकी पसंद की चिकन बिरयानी खिलाई जाती है। सीबीगंज इलाके में कुत्तों के राहगीरों पर हमले करने की घटनाएं सबसे ज्यादा रहीं हैं। नगर निगम आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को कंट्रोल करने की कवायद में जुटा हुआ है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नामित एजेंसी के कर्मचारी सड़क के आवारा कुत्तों को पकड़कर एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर ले जाएंगे। विशेषज्ञों की टीम उनकी नसबंदी करेगी। एक सप्ताह तक केंद्र पर ही रखकर उनकी देखरेख की जा रही है।
1.85 करोड़ से बन रहा एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर
परसाखेड़ा में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निर्माण चल रहा है। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या रोकने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है। सीएनडीएस के द्वारा इसका निर्माण हो रहा है। सेंटर के निर्माण पर 1.85 करोड़ खर्च हो रहें है। निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद यहां पर आवारा कुत्तों की नसबंदी हो सकेगी। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डा. आदित्य तिवारी ने बताया कि एनिमल सेंटर का निर्माण तेजी से चल रहा है। फिलहाल जो सेंटर वर्तमान में संचालित है वहां नसबंदी के बाद कुत्तों की खास देखभाल हो रही है।
Published on:
24 May 2024 05:06 pm
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