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अमर ज्योति फाइनेंस ठगी कांड: निदेशक भाइयों संग भांजा भी फरार, दर्जनों निवेशकों ने कोतवाली पर किया हंगामा, जानें क्यों

अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी द्वारा लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब इस फर्जीवाड़े में कंपनी के निदेशक भाइयों के साथ उनका भांजा भी शामिल पाया गया है। तीनों के फरार होने के बाद निवेशकों का गुस्सा फूट पड़ा और रविवार सुबह दर्जनों पीड़ित कोतवाली पहुंचकर हंगामा कर दिया।
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बरेली

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Avanish Pandey

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Updated: 16 Nov 2025, 1:27 PM IST

बरेली। अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी द्वारा लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब इस फर्जीवाड़े में कंपनी के निदेशक भाइयों के साथ उनका भांजा भी शामिल पाया गया है। तीनों के फरार होने के बाद निवेशकों का गुस्सा फूट पड़ा और रविवार सुबह दर्जनों पीड़ित कोतवाली पहुंचकर हंगामा कर दिया। उन्होंने पुलिस से अपनी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की मांग की।

जानकारी के मुताबिक, अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी से जुड़ी सह कंपनी अमर ज्योति रुहेलखंड निधि लिमिटेड के निदेशक पूर्व भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य और शशिकांत मौर्य कटरा चांद खां के निवासी हैं। उनका भांजा अनूप मौर्य बाग ब्रिगटान, पुराना बस स्टैंड के पीछे रहता है। बताया जाता है कि अनूप ने ही इलाके के दर्जनों लोगों को ऊंचे ब्याज का लालच देकर कंपनी में पैसा लगवाया था। अब कंपनी के ऑफिस पर ताले लटके हैं और तीनों फरार हो चुके हैं।

रविवार को अपनी पूंजी डूबने से परेशान कई निवेशक पहले अनूप मौर्य के घर पहुंचे। परिजनों से जवाब मांगने पर उन्होंने उल्टा धमका दिया। इससे आक्रोशित पीड़ित सीधे कोतवाली जा पहुंचे। कृष्णा मौर्य सहित कई निवेशकों ने कोतवाली प्रभारी सुरेश चंद्र गौतम को तहरीर देकर बताया कि अनूप और निदेशक भाइयों ने सुरक्षित निवेश का भरोसा दिलाकर उनसे लाखों रुपये जमा कराए थे। अब कोई जिम्मेदार सामने नहीं आ रहा और न ही पैसे लौटाने की कोई बात हो रही है।

पीड़ित महिलाओं ने भी आरोप लगाया कि जब वे अनूप के घरवालों से बात करने गईं तो उन्हें धमकाया गया। लोगों का कहना है कि उनकी वर्षों की कमाई दांव पर लग गई है। मामले की गंभीरता देखते हुए कोतवाली प्रभारी ने जांच का आश्वासन दिया और भीड़ को शांत कराया। उधर, कंपनी के ठिकानों पर ताले पड़े रहने और निदेशकों के गायब होने से ठगी की आशंका और गहरी होती जा रही है। निवेशक अब पुलिस कार्रवाई और अपनी रकम की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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