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भाजपा नेता और ट्रैफिक इंस्पेक्टर की शह पर बरेली में चल रहा अवैध टैक्सी स्टैंड, एसएसपी तक पहुंची शिकायत…

बदायूं रोड स्थित पूर्व गन्ना मिल की सरकारी जमीन पर चल रहे कथित अवैध टैक्सी-ऑटो स्टैंड को लेकर गैंगवार की आशंका है। आरोप है कि एक कद्दावर भाजपा नेता और ट्रैफिक इंस्पेक्टर की शह पर कुछ दबंग वहां अवैध टैक्सी स्टैंड चला रहे हैं। इसकी वजह से वहां जाम लगता है। शराब के नशे में दबंग आने जाने वाली महिलाओं और लड़कियों पर अश्लील कमेंट पास करते हैं। मामले की शिकायत मंगलवार को एसएसपी से की गई है।

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बरेली। बदायूं रोड स्थित पूर्व गन्ना मिल की सरकारी जमीन पर चल रहे कथित अवैध टैक्सी-ऑटो स्टैंड को लेकर गैंगवार की आशंका है। आरोप है कि एक कद्दावर भाजपा नेता और ट्रैफिक इंस्पेक्टर की शह पर कुछ दबंग वहां अवैध टैक्सी स्टैंड चला रहे हैं। इसकी वजह से वहां जाम लगता है। शराब के नशे में दबंग आने जाने वाली महिलाओं और लड़कियों पर अश्लील कमेंट पास करते हैं। मामले की शिकायत मंगलवार को एसएसपी से की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि एक भाजपा नेता और ट्रैफिक विभाग के इंस्पेक्टर की संरक्षण में यह स्टैंड संचालित हो रहा है। सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से देहात परमिट वाहनों का संचालन कराया जा रहा है। यहां कथित तौर पर रंगदारी वसूली, धमकी और दबाव बनाया जाता है। विरोध करने वालों को जान से मारने की धमकी दी जाती है। वहां खुलेआम गुंडई, सट्टेबाजी होती है। पुलिस की शह पर वहां सभी गैरकानूनी कृत्यों को अंजाम दिया जा रहा है।

ट्रैफिक पुलिस के कोना छोड़ो अभियान को लगा पलीता

ट्रैफिक विभाग के इंस्पेक्टर ही अपने अभियान को पलीता लगा रहे हैं। पुलिस एक तरफ कोना छोड़ो अभियान चला रही है। दूसरी तरफ अवैध टैक्सी स्टैंड चलाये जा रहे हैं। सुभाषनगर के रहने वाले सुरेंद्र उर्फ बाबी ने बताया कि हर महीने की वसूली के चलते ही यह स्टैंड हटाने के अभियानों के बावजूद निर्बाध चल रहा है। इतना ही नहीं, कथित राजनीतिक संरक्षण का हवाला देकर खुलेआम चुनौती दी जा रही है कि “कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

एसएसपी तक पहुंचा मामला, अब होगी कार्रवाई

आशंका है कि वर्चस्व की लड़ाई से कभी भी गैंगवार और गंभीर वारदात की स्थिति बन सकती है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। एसएसपी अनुराग आर्य की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति के तहत अब मामला उनके संज्ञान में है। यही वजह है कि अब घूसखोर पुलिस वालों की नहीं चलेगी। ट्रैफिक पुलिस की मजबूरी बन गई है कि अवैध स्टैंड को हटवायें, नहीं तो उनका ही बोरिया बिस्तर बंध जायेगा। पीड़ितों ने हवाला देते हुए एसएसपी से सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें एसएसपी की कार्रवाई पर टिकी हैं। हालांकि अब सरकारी जमीन से अवैध स्टैंड हटाने और आरोपियों पर कार्रवाई होना तय है।