
शाहजहांपुर। तिलहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात रहे सर्जन डॉ. यासीन से अब एक करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। डॉ. यासीन ने सरकारी खर्चे पर इटावा के सैफई मेडिकल कॉलेज से एमएस (मास्टर इन सर्जरी) किया था। कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने कुछ समय सीएचसी में सेवाएं दीं, लेकिन अगस्त 2024 से वह ड्यूटी पर नहीं लौटे। इसके बाद स्वास्थ्य निदेशालय ने वसूली का आदेश जारी किया है।
डॉ. यासीन, बरेली जिले के कस्बा सेंथल के निवासी हैं, इससे पहले जैतीपुर सीएचसी में तैनात थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी शाहजहांपुर डॉ. आरके गौतम ने जानकारी दी कि सेवा के दौरान, यदि कोई डॉक्टर आगे की पढ़ाई करना चाहता है, तो सरकार उसके लिए संबंधित कोर्स का खर्च वहन करती है। इसी योजना के तहत डॉ. यासीन ने सैफई मेडिकल कॉलेज से एमएस की पढ़ाई की। कोर्स पूरा करने के बाद, 2023 में उनकी तैनाती तिलहर सीएचसी में की गई। लेकिन 17 अगस्त 2024 से उन्होंने ड्यूटी पर आना बंद कर दिया।
सीएमओ ने बताया कि सरकारी खर्चे पर पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों के साथ यह अनुबंध होता है कि वे कोर्स के बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में सेवा देंगे। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें एक करोड़ रुपये का हर्जाना भरना होगा। डॉ. यासीन की गैरहाजिरी की रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य निदेशालय से वसूली के आदेश आए हैं। डॉ. यासीन को नोटिस भेजा जाएगा, जिसके जरिए हर्जाने की वसूली की जाएगी।
Updated on:
23 Nov 2024 10:30 am
Published on:
23 Nov 2024 10:04 am
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