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बरेली में पहले लगाए त्रिशूल व डमरू वाले पोल, अब खुद ही उखाड़ रहा नगर निगम, नाथ कॉरिडोर को बना डाला तोड़फोड़ कॉरिडोर

Bareilly शहर की सबसे चर्चित और करोड़ों रुपये की नाथ कॉरिडोर परियोजना अब सवालों के घेरे में आ गई है। जिन त्रिशूल और डमरू डिजाइन वाले पोलों को कुछ महीने पहले शहर की “नई सांस्कृतिक पहचान” बताकर लगाया गया था, अब उन्हीं पोलों को नगर निगम खुद उखाड़ रहा है।
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बरेली

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Avanish Pandey

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Updated: 14 May 2026, 12:53 PM IST

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बरेली। शहर की सबसे चर्चित और करोड़ों रुपये की नाथ कॉरिडोर परियोजना अब सवालों के घेरे में आ गई है। जिन त्रिशूल और डमरू डिजाइन वाले पोलों को कुछ महीने पहले शहर की “नई सांस्कृतिक पहचान” बताकर लगाया गया था, अब उन्हीं पोलों को नगर निगम खुद उखाड़ रहा है। कुदेशिया पुल से जीआरएम स्कूल मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण के नाम पर चल रही तोड़फोड़ ने लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। महंगी टाइल्स तोड़ी जा रही हैं, सजावटी पोल हटाए जा रहे हैं और पूरा इलाका खुदाई व मलबे में तब्दील होता दिखाई दे रहा है।

नाथ कॉरिडोर परियोजना को बड़े स्तर पर धार्मिक पर्यटन और शहर के सौंदर्यीकरण से जोड़कर पेश किया गया था। करीब 232 करोड़ रुपये की लागत से शहर के सात प्रमुख शिव मंदिरों को जोड़ने की योजना बनाई गई थी। इसी के तहत सड़कों पर भगवान शिव के प्रतीक त्रिशूल और डमरू थीम वाली एलईडी लाइटें लगाई गई थीं। अधिकारियों ने इसे बरेली की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया था, लेकिन अब वही पोल सड़क चौड़ीकरण की जद में आ गए हैं।

विकास के नाम पर फिर सरकारी धन की बर्बादी

स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि यदि सड़क चौड़ीकरण की योजना पहले से तय थी तो फिर करोड़ों रुपये खर्च कर सौंदर्यीकरण क्यों कराया गया। लोगों का आरोप है कि विभागों के बीच तालमेल की भारी कमी है, जिसका खामियाजा सरकारी खजाने को भुगतना पड़ रहा है। कई जगहों पर नई टाइल्स उखाड़ी जा रही हैं और हाल ही में लगाए गए पोल हटाए जा रहे हैं। इससे लोगों में यह चर्चा तेज हो गई है कि योजनाएं बिना समन्वय के बनाई जा रही हैं। सीएम ग्रिड योजना के तहत कुदेशिया पुल से जीआरएम स्कूल मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। सड़क किनारे लगी संरचनाएं हटाई जा रही हैं। नगर निगम और कार्यदायी संस्था की मशीनें लगातार खुदाई में जुटी हैं। इसके चलते इलाके में धूल, जाम और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।

नगर निगम बोला- चौड़ीकरण जरूरी

नगर निगम के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी का कहना है कि शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण बेहद जरूरी है। बेहतर कनेक्टिविटी और जाम से राहत देने के लिए कई स्थानों पर पुराने ढांचे और बिजली पोल हटाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्य उद्देश्य सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर भविष्य की जरूरतों को पूरा करना है। नाथ कॉरिडोर की यह तस्वीर अब शहर में नई बहस छेड़ रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या करोड़ों रुपये की परियोजनाएं बिना भविष्य की योजना देखे बनाई जा रही हैं? कुछ महीने पहले जिस कॉरिडोर को शहर का गौरव बताया गया था, आज वही जगह तोड़फोड़ और अव्यवस्था का प्रतीक बनती दिखाई दे रही है।

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