
बरेली। युवाओं को पुलिसिंग की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया Student Police Experiential Learning (SPEL) कार्यक्रम अब असर दिखाने लगा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइंस सभागार में SPEL कार्यक्रम के द्वितीय चरण की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीजी (रूल्स एंड रेगुलेशंस) उत्तर प्रदेश एल.वी. एन्टनी देव कुमार ने की।
इस मौके पर एसएसपी अनुराग आर्य और एसपी सिटी मानुष पारीक (नोडल अधिकारी SPEL), व एसपी क्राइम मनीष सोनकर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एनएसएस जिला नोडल अधिकारी डॉ. राजीव यादव के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और उनके संबंधित थाना प्रभारी भी शामिल हुए।
कार्यक्रम के तहत छात्रों ने बरेली के विभिन्न थानों, पुलिस लाइन, महिला थाना, साइबर थाना, एएचटीयू, यूपी-112 कंट्रोल रूम और नारकोटिक्स सेल का दौरा किया। वहां उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया, साइबर अपराध की जांच, यातायात नियंत्रण और मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। छात्रों को यह भी बताया गया कि आधुनिक तकनीक कैसे पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बना रही है।
समीक्षा बैठक के दौरान छात्रों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। एडीजी एल.वी. एन्टनी देव कुमार ने युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल से न केवल छात्रों में कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता भी मजबूत होता है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि बरेली पुलिस ऐसे नवाचारी कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि SPEL जैसे कार्यक्रम युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं और पुलिस को जनता के और करीब लाने का जरिया बनते हैं।
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Updated on:
10 Oct 2025 08:13 pm
Published on:
10 Oct 2025 08:13 pm
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