धर्मपाल सिंह ने पूरी तरह से विलुप्त हो चुकी नदी की खुदाई गुरु द्रोणाचार्य के गांव गुरगामा से की। उनका कहना है कि प्रदेश में विलुप्त नदियों को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया था इसकी शुरुआत 2 साल पहले गोमती नदी के उद्गम क्षेत्र पीलीभीत से की थी। सरकार की प्राथमिकता में यह आज भी है, इसी क्रम में आंवला विधानसभा की छुइया नहर जो कि महाभारतकालीन लीलौर झील से निकलती है और सोना, पलथा, केसरपुर, कल्याणपुर से निकलकर आलमपुर कोर्ट पर यह पीलिया नदी का रूप ले लेती है। पीलिया नदी बाद में अरिल नदी में मिल जाती है। पुनः इस नदी को जीवित करके जनता को सौंप दिए जाने का संकल्प लिया है और इसकी खुदाई शुरू की गई है। विधायक अगले 15 दिनों तक ग्रामीणों के साथ मिलकर नदी को पुनर्जीवित करने का काम करेंगे और गांव में ही टेंट लगाकर रहेंगे।