
बरेली। एसआईआर अभियान के बीच बुधवार को बीएलओ सहायक अध्यापक सर्वेश कुमार गंगवार की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। परिजन, शिक्षक संगठनों और राजनीतिक दलों ने एसआईआर के दौरान बढ़ते दबाव और अफसरों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक के बड़े भाई योगेश गंगवार ने बताया कि सर्वेश रोज शाम 5 बजे तक ड्यूटी करते, उसके बाद 5:30 बजे बैठक, दिनभर इंटरनेट नहीं चलता, एप बार-बार फेल होता। रात 11-12 बजे तक काम करना पड़ता और अफसर देर रात कॉल कर डांटते। योगेश ने कहा सर्वेश लगातार तनाव में था। यह केवल एक हादसा नहीं, लगातार दबाव का नतीजा है। अफसरों को अपना रवैया बदलना होगा, नहीं तो और हादसे होंगे।
मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि एसआईआर का असंभव दबाव और तनाव शिक्षक की जान ले गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही एसआईआर की अवधि छह माह की जाए।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार ने कहा कि शिक्षक रोज रात 12 बजे तक काम कर रहे हैं और अफसर बेवजह अपमान कर रहे हैं। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि अवकाश न मिलने और अत्यधिक दबाव के कारण शिक्षक तनाव में हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला कोषाध्यक्ष परीक्षित गंगवार ने आरोप लगाया कि अधिकारी रैंकिंग के चक्कर में कर्मचारियों पर असहनीय दबाव बना रहे हैं।
बुधवार को परधौली प्राथमिक विद्यालय में बीएलओ ड्यूटी के दौरान सर्वेश कुमार गंगवार को अचानक हार्ट अटैक आया। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के बावजूद उनकी मौत हो गई। सर्वेश की जिंदगी पहले ही दुखों से भरी थी। दो माह पहले पत्नी की कैंसर से मौत हो चुकी थी। अब उनके पांच साल के जुड़वां बच्चे अहाना और अयांश अनाथ हो गए हैं। मौत ने एसआईआर अभियान की कार्यशैली, अफसरों के रवैये और शिक्षकों पर बढ़ते दबाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Updated on:
27 Nov 2025 03:25 pm
Published on:
27 Nov 2025 03:24 pm
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