
मामले का खुलासा करतीं एसपी साउथ अंशिका वर्मा व पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो सोर्स: पत्रिका)
बरेली। बरेली पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले कुख्यात छांगुर बाबा गैंग का बड़ा भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया। गैंग का नेटवर्क केवल बरेली ही नहीं, बल्कि कई राज्यों तक फैला हुआ है।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में खुलासा करते हुए बताया कि यह वही गैंग है जो भोले-भाले युवकों और परिवारों को पहले मीठी-मीठी बातों, शादी और पैसे का लालच देकर जाल में फंसाता था और फिर उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराता था। अब तक यह गिरोह कोचिंग संचालक बृजपाल, उसकी बहन और मां के अलावा एक नाबालिग बच्चे को नशे की लत लगाकर धर्मांतरण करा चुका है। अब रिटायर्ड शिक्षक प्रभात उपाध्याय को भी इस गैंग ने निशाना बना लिया था।
सुभाषनगर क्षेत्र के कोचिंग संचालक बृजपाल सबसे पहले इस गैंग के चंगुल में फंसे। गिरोह ने पहले उनका ब्रेनवॉश किया और उनकी शादी एक मुस्लिम लड़की से कराई। इसके बाद बृजपाल की बहन का निकाह एक मुस्लिम युवक से कराया गया और मां का भी धर्म परिवर्तन करा दिया। इसी दौरान गैंग ने एक नाबालिग बच्चे को नशे का आदी बनाकर धर्म परिवर्तन करवाया।
गिरोह का अगला शिकार बने अलीगढ़ निवासी 99 प्रतिशत दृष्टिहीन रिटायर्ड शिक्षक प्रभात उपाध्याय। गैंग ने उन्हें शादी और बेहतर जिंदगी का लालच देकर बरेली बुलाया और फैजनगर के एक मदरसे में बंधक बना लिया। यहां उनका नाम बदलकर ‘हामिद’ रखने का दबाव डाला जा रहा था। मामला तब खुला, जब प्रभात की मां अखिलेश कुमारी और भाई डॉ. नगेश ने भुता थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
सूचना पर एसओ रविंद्र कुमार टीम के साथ फैजनगर स्थित मदरसे पहुंचे। छापेमारी में प्रभात चार युवकों से घिरा मिला। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़ित को छुड़ाया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना भुता के फैजनगर निवासी 35 वर्षीय अब्दुल मजीद, सुभाषनगर के करेली निवासी 30 वर्षीय सलमान, 29 वर्षीय आरिफ और भोजीपुरा के सैदपुर चन्नीलाल निवासी 24 वर्षीय फईम को गिरफ्तार किया है। वहीं गैंग का एक और सदस्य महमूद बेग मौके से फरार हो गया। छापे में पुलिस को इस्लामी किताबें, जाकिर नाईक की सीडी, नकली धर्मांतरण प्रमाणपत्र, तावीज, टोपी, लैपटॉप, पासबुक और नकद रुपये मिले।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि अब्दुल मजीद के नाम पर तीन और उसकी पत्नी के नाम पर दो खाते हैं, जिनमें करीब 13 लाख रुपये जमा हैं। सलमान के 12 खाते मिले हैं—6 उसके नाम और 6 उसकी पत्नी के नाम पर। इसके अलावा आरिफ और फईम के दो-दो बैंक खाते हैं। पुलिस इन खातों में हुए लेन-देन की भी जांच कर रही है। एसपी ने साफ किया कि गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है। जल्द ही इस पूरे नेटवर्क की परतें खोली जाएंगी।
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Updated on:
26 Aug 2025 07:04 pm
Published on:
26 Aug 2025 05:22 pm
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