चौपुला चौराहा स्थित कपूर ट्रैव्लस एजेंसी की बस पर काम कर रहे परिचालक की हालत मंगलवार को ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि चालक उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया। परिजनों को जब मामले की जानकारी मिली तो वे अस्पताल पहुंचे और उसे भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान बुधवार शाम उसकी मौत हो गई।
बरेली। चौपुला चौराहा स्थित कपूर ट्रैव्लस एजेंसी की बस पर काम कर रहे परिचालक की हालत मंगलवार को ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि चालक उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया। परिजनों को जब मामले की जानकारी मिली तो वे अस्पताल पहुंचे और उसे भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान बुधवार शाम उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान जसौली, थाना किला निवासी 42 वर्षीय कल्लू उर्फ श्यामबाबू पुत्र राम स्वरूप के रूप में हुई है। वह वर्ष 2009 से चौपुला की कपूर ट्रैव्लस एजेंसी में बस कंडक्टर के तौर पर कार्यरत था। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे, जब बस इफ्को फैक्ट्री के पास पहुंची, तभी बस के अंदर ही उसकी तबीयत बिगड़ गई।
चालक ने गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन भर्ती कराए बिना ही वहां से निकल गया। परिजनों को जब किसी तरह सूचना मिली तो वे अस्पताल पहुंचे और श्यामबाबू को भर्ती कराया। बुधवार शाम करीब 5 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन भड़क उठे। वे कपूर ट्रैव्लस एजेंसी के बाहर इकट्ठा होकर हंगामा करने लगे। सूचना पर कोतवाली इंस्पेक्टर अमित कुमार पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया।
परिजनों ने एजेंसी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर इलाज शुरू करा दिया गया होता, तो श्यामबाबू की जान बच सकती थी। मृतक के भांजे मनोज ने बताया कि श्यामबाबू ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। परिजन अभी पोस्टमार्टम के लिए राज़ी नहीं हैं और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर एजेंसी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कोतवाली इंस्पेक्टर अमित पांडे का कहना है कि परिजनों की तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।