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मो​दी की कैशलेस इंडिया मुहिम में लगी सेंध, गरीब किसान के जनधन खाते से करोड़ों का लेनदेन

किसान का कहना, तीन साल पहले जमा किए थे 100 रुपए, तब से आज तक कभी बैंक भी नहीं गया।

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बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैशलेस इंडिया मुहिम के तहत जनधन योजना शुरू की थी ताकि हर गरीब का बैंक में खाता हो और वो तमाम योजनाओं का लाभ ले सके। साथ ही कैशलेस मुहिम को देशभर में लागू किया जा सके। लेकिन कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री की इस मुहिम में भी सेेंध लगा दी। ताजा मामला बरेली में सामने आया है जहां पर पंजाब नेशनल बैंक के खाते से करोड़ों का लेनदेन हो गया पर खाता धारक को पता ही नहीं चला। ये खाता किसान ने तीन साल पहले जनधन योजना के तहत खुलवाया था और उसमें उसने सौ रूपये जमा किये गए थे। हाल ही उस खाते से करोड़ों रुपए का लेनदेन हो गया लेकिन गरीब किसान को पता तक नहीं चला। जब किसान के पास थाने से फोन पहुंचा तो उसे मामले की जानकारी हुई। फिलहाल पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

किसान को नहीं लगी भनक
अलीगंज के सिसौना गांव के रहने वाले मुनीश पाठक ने पंजाब नेशनल बैंक की गैनी शाखा में जनधन खाता खुलवाकर 100 रुपये जमा किए थे। तीन साल बाद पता चला कि किसी ने उनके खाते से लगभग तीन करोड़ रुपये का लेनदेन कर लिया है। बैंक खाते में हुई इतनी बड़ी लेन देन से हैरान-परेशान किसान को अब समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करे। मुनीश पाठक की मानें तो 20 जनवरी 2015 को पीएनबी की गैनी शाखा में 100 रुपये से जनधन का खाता खुलवाया था। तीन साल में वह कभी बैंक नहीं गए। नोटबंदी के बाद ही उसके अकाउंट से करोड़ों का लेनदेन हुआ है। उनके पते पर एटीएम भी आया। उन्होंने कभी एटीएम का प्रयोग नहीं किया। पर जब पुलिस ने मुनीश पाठक को बुलाया तो पता चला कि उनके खाते से करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है जबकि वह आज भी एक-एक रुपये को मोहताज हैं।

एटीएम भी नहीं चलाया
मुनीश का कहना है, जब एटीएम उनके घर डाक से आया तो लिफाफा खुला हुआ था। पासवर्ड वाला कागज भी फटा हुआ था। बैंक मैनेजर ने मुनीश का एटीएम कार्ड चेक कराया तो पता चला उनका कार्ड तो ब्लॉक हो चुका है, कार्ड भी घिसा हुआ था। खाता खुलवाने के करीब एक साल के बाद कार्ड मुनीश के घर पहुंचा था। किसी ने डुप्लीकेट एटीएम कार्ड बना लिया है। मुनीश सिसौना गांव में एक टूटे-फूटे घर में रहते हैं। मेहनत मजदूरी करके वो अपना पेट पालते हैं। मुनीश का कहना है की उन्होंने तो कभी दस हजार रूपये भी नहीं देखे तो तीन करोड़ रूपये तो बहुत बड़ी रकम है।

पुलिस ने शुरू की जांच
वहीं इस मामले में आईपीएस ऑफिसर एसपी रूरल डॉ. सतीश कुमार का कहना है कि मामला काफी गंभीर है। इसमें किसान का कोई दोष नहीं है। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। एसपी का कहना है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करके बैंक अफसरों से पूछताछ की जाएगी। जिन एटीएम से पैसे निकाले गए हैं। उन एटीएम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाएंगी। मार्च और अप्रैल में भी लेनदेन हुआ है। एटीएम कार्ड का प्रयोग पेट्रोल डलवाने में भी किया गया है, जिस पेट्रोल पंप से गाड़ी में पेट्रोल डलवाया गया है, वहां से भी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।