11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

साइबर स्लेवरी बना नया खतरा, फर्जी कॉल से वर्चुअल जेल तक साइबर ठगों के हथकंडों का पर्दाफाश, एडीजी ने खोली चौंकाने वाली पोल!

एडीजी ने आईआईआईटी प्रयागराज द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा जागरूकता दिवस” कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ऑनलाइन प्रतिभाग किया। उन्होंने सत्र के दौरान साइबर अपराध के बदलते स्वरूप, उसके नए-नए तौर-तरीकों और प्रभावी रोकथाम उपायों पर विस्तार से चर्चा की।

2 min read
Google source verification

बरेली। एडीजी ने आईआईआईटी प्रयागराज द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा जागरूकता दिवस” कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ऑनलाइन प्रतिभाग किया। उन्होंने सत्र के दौरान साइबर अपराध के बदलते स्वरूप, उसके नए-नए तौर-तरीकों और प्रभावी रोकथाम उपायों पर विस्तार से चर्चा की।

डिजिटल अरेस्ट : झूठे दावों से लोगों को फँसाने की नई चाल

एडीजी रमित शर्मा ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट साइबर अपराध का नया रूप है, जिसमें अपराधी खुद को किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे धन वसूलते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लोगों को तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल या 112 हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए।

साइबर स्लेवरी : युवाओं को जाल में फँसाने की साजिश

उन्होंने बताया कि साइबर स्लेवरी (Cyber Slavery) के तहत अपराधी युवाओं को विदेशी कंपनियों या ऑनलाइन जॉब के नाम पर फर्जी रोजगार का झांसा देकर ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे अपराधों में उलझा देते हैं। एडीजी ने कहा कि युवाओं को किसी भी ऑनलाइन ऑफर पर विश्वास करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करनी चाहिए। इसके बाद ही उन्हें भरोसा करना चाहिए।

पुलिस रेस्पॉन्स मैकेनिज़्म और कानूनी ढाँचा

सत्र में एडीजी ने पुलिस रेस्पॉन्स मैकेनिज़्म पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अब साइबर अपराध शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के लिए हर जिले में साइबर थाने और हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने आईटी एक्ट, 2000 और भारतीय दंड संहिता की साइबर अपराध संबंधी धाराओं की जानकारी दी, ताकि आम नागरिक अपने अधिकारों और पुलिस सहायता के प्रति जागरूक रहें।

डिजिटल सतर्कता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी

कार्यक्रम के अंत में एडीजी ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहें, अजनबी लिंक या कॉल से सावधान रहें, और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से लड़ने का सबसे प्रभावी हथियार है कि सभी लोग जागरूक रहें।

बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग