सीबीगंज के रहने वाले मोहम्मद बख्तियार खान ने दारुल इफ्ता से सवाल पूछा था कि क्या तलाक होने के लिए औरत का सुनना या मौजूद होना जरूरी है अथवा उसका दस्तखत करना जरूरी है। जबकि शौहर तीन तलाक देने का इकरारी है और औरत तलाक मानने को राजी नहीं है, इस सूरत में शरीयत का क्या हुक्म है।