बरेली।बीएड प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट घोषित हो चुका है और प्रवेश परीक्षा में सफलता पाने वाले अभ्यर्थी अब काउंसलिंग के इंतजार में है। परीक्षा के आयोजक रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय ने एक जून से काउंसलिंग शुरू कराने का दावा किया था लेकिन काउंसलिंग शुरू नहीं हो पाई है। इसके लिए प्रमुख कारण सवर्णों को दिए जाने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण को माना जा रहा है। प्रदेश के 2400 से अधिक कॉलेजों में 10 प्रतिशत सीट बढ़ाने का फैसला नेशनल काउंसलिंग फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) को लेना है। यूनिवर्सिटी ने 15 मई को एनसीटीई को सीट बढ़ाने के सम्बंध में लिखा था जिससे काउंसलिंग में देरी न हो, लेकिन अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।