
विभागीय अफसरों के साथ बैठक करतीं सीडीओ (फोटो सोर्स: पत्रिका)
बरेली। किसानों की परेशानियों को लेकर बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। सीडीओ देवयानी ने एक-एक किसान की बात सुनी और मौके पर मौजूद अफसरों को तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पिछले किसान दिवस में जो शिकायतें आई थीं, उनमें से कई का निस्तारण किया जा चुका है। लेकिन कुछ समस्याएं अब भी लंबित हैं।
तहसील बहेड़ी के किसानों ने केशर शुगर मिल द्वारा बकाया गन्ना भुगतान न मिलने की शिकायत उठाई। किसानों ने कहा कि महीनों बीत गए, लेकिन पैसे अब तक नहीं मिले। इस पर सीडीओ ने जिला गन्ना अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि जल्द से जल्द किसानों का बकाया चुकाया जाए। गन्ना अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि भुगतान प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
नवाबगंज तहसील के ग्राम पंडरी नौमहिला के किसान छेदालाल गंगवार ने बताया कि खेतों में दिन-रात आवारा पशुओं का आतंक है। फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। इस पर सीडीओ ने कहा कि गौशालाओं में पहले से ही क्षमता से ज्यादा पशु हैं, लेकिन अब नए आश्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही राहत मिलेगी।
किसान चौधरी सोमवीर सिंह ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों पर यूरिया और डीएपी की भारी कमी है। किसानों को लाइन में लगकर भी खाद नहीं मिल रही। इतना ही नहीं, खाद के साथ जबरन जिंक जैसे उत्पाद भी थमा दिए जाते हैं। इस पर सीडीओ ने कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों को खाद समय से और बिना दबाव के दी जाए।
भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह ने अलीगंज-सिरौली मार्ग की बदहाल हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि टूटी सड़क की वजह से किसानों की उपज समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाती। इस पर सीडीओ ने मौके पर ही पीडब्ल्यूडी विभाग को सड़क दुरुस्त करने का आदेश दिया। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक आर.एल. सागर ने किसानों को धान की फसल में लग रहे पत्ता छेदक कीड़े के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय रहते इसका उपचार नहीं किया गया तो पूरी फसल खराब हो सकती है।
किसान दिवस के अंत में सीडीओ देवयानी ने सभी विभागों को चेतावनी दी कि अगली बैठक में सबसे पहले पुरानी शिकायतों की समीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि किसानों के गांव जाकर उनसे सीधे बात की जाए और हर शिकायत का जियो-टैग्ड फोटो भी लिया जाए। जो शिकायत शासन स्तर की हैं, उन्हें भी प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाए। कार्यक्रम में कृषि, सिंचाई, विद्युत, उद्यान, नलकूप, गन्ना समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिले के कई प्रगतिशील किसान भी इस मौके पर पहुंचे और अपनी समस्याएं सामने रखीं।
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Published on:
20 Aug 2025 09:08 pm
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