
पीरियड्स पर खुलकर बात करने की पहल की
जितेंद्र भट्ट उत्तराखंड के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी बेटी की पहली बार पीरियड्स होने पर केक काटकर जश्न मनाया। इसकी लोग खूब प्रशंसा कर रहे हैं। जितेंद्र भट्ट म्यूजिक टीचर हैं। उन्होंने पीरियड्स पर खुलकर बात करके एक नई पहल शुरू कर दी। जितेंद्र भट्ट ने बताया कि जब बच्चे छोटे होते हैं तब उन्हें इस बात को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी जाती। इतना ही नहीं जब भी किसी बच्ची या महिला को पीरिड्स होते हैं उन्हें हीन भावना से देखा जाता है। इसके अलावा यदि उस वक्त वह महिला किसी भी सामान को छू लेती है तब उसे अशुद्ध माना जाता है। इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए उन्होंने ऐसा किया।
केक काटकर मनाया जश्न
जितेंद्र ने बताया कि उनकी बेटी को पहली बार पीरिड्स आया तो इसे जश्न के रूप मनाया। उनका मानना है कि पीरियड्स अशुद्ध या छुआछूत की बीमारी नहीं है। उनके लिए खुशी का दिन है, इसलिए वह केक काटकर जश्न मना रहे हैं।
स्थानीय लोगों में भी खुशी
स्थानीय निवासी प्रज्ञा भटनागर ने बताया कि उनके गुरुजी ने किया उससे बहुत ही खुशी महसूस हो रही है। अपने आपको प्राउड फील कर रही हैं, क्योंकि जब कोई भी महिला या लड़की को पीरियड्स आता है तब उन्हें हीन भावना से देखा जाता था, लेकिन इनकी ये पहल रंग लाएगी और इस फैली भ्रांतियों से छुटकारा मिलेगा।
क्या बोली महिला रोग विशेषज्ञ
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. नवप्रीत कौर ने बताया कि बहुत अच्छी पहल है। जिस तरह से लोग इसे एक छुआछूत मानते हैं वह एक दम गलत है। जब कोई भी महिला या लड़की को पीरियड्स आता है तब उसके अंदर कोई गंदगी नहीं निकलती बल्कि यूट्रस की अंदर की लेयर सेट होती है जिसके कारण ब्लडिंग होती है। जैसे मनुष्य पेशाब करता है या टॉयलेट जाते हैं। यह एक आम प्रक्रिया है। ये कोई बीमारी नहीं है छुआछूत भी नहीं है। इस बीच में हर रोज नहाएं, हर रोज पूजा करें हर रोज मंदिर जाएं।
Published on:
21 Jul 2023 05:51 pm
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