1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहीद पति को तिरंगे में लिपटा देख बेहोश हुई पत्नी, पिता ने कांपते हाथों से दी मुखाग्नि

देश की रक्षा के लिए बलिदान हुए सेना के जवान मोहित राठौर की शौर्यगाथा से बदायूं जिला गूंज उठा। रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो सारे लोग फफक पड़े। बहनें अपने भाई को देख बिलखने लगी, सामने खड़े पिता बस अपने बेटे को निहारते रहे। इस दृश्य ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।

less than 1 minute read
Google source verification

बरेली

image

Swati Tiwari

Jul 28, 2024

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरनेवालों का यही बाकी निशां होगा...इन पंक्तियों को सुनकर शरीर में सिहरन सी पैदा होती है। सरहद पर बैठे जवान देशवासियों को महफूज रखने के लिए अपनी जान तक की बाजी लगा देते हैं। कुछ दिनों पहले बदायूं जिला के रहने वाले मोहित ने कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान बलिदान हो गए थे।


मोहित राठौर की शौर्यगाथा से गूंज उठा पूरा गांव

देश की रक्षा के लिए बलिदान हुए 25 साल के सेना के जवान मोहित राठौर की शौर्यगाथा से पूरा बदायूं जिला गूंज उठा। गम और गर्व के माहौल में जब जवान का पार्थीव शरीर गांव पहुंचा तो पत्नी की रो-रोकर हालत खराब हो गई। पति को तिरंगा में लिपटा देख कर पत्नी वहीं बेहोश हो गई। पास में बैठी बहनें बार-बार ये कह रही थी कि अब वह राखी किसको बांधेगी, राखी पर किसका इंतजार करेंगी। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद सारे लोग रो पड़े।


कांपते हाथों से पिता ने दी मुखाग्नि

पिता नत्थू सिंह अपने बेटे के पार्थिव शरीर को काफी देर तक निहारते रहे। फिर कंपकंपाते हाथों से बेटे को सलामी देते हुए मुखाग्नि दी। अपने बेटे को मुखाग्नि देते हुए पिता की आंखों से आंसू निकल पड़े। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाई। जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह समेत तमाम नेता भी बलिदानी जवान मोहित राठौर की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इन लोगों ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया।