
बरेली। पीलीभीत के धन्नीताल क्षेत्र में स्थित पुत्तन आतिशबाज की दुकान पर गुरुवार को राज्य कर विभाग ने छापा मारा, जिसमें टैक्स चोरी का बड़ा मामला सामने आया। जांच में पता चला कि व्यवसायी ने 2.5 करोड़ रुपये के पटाखों की खरीद की थी, लेकिन बिक्री मात्र 1.5 करोड़ रुपये ही दर्शाई गई, जिससे जीएसटी में गड़बड़ी का संकेत मिला। टीम ने मौके पर ही 10 लाख रुपये कर के रूप में जमा कराए। बाकी बकाया की जांच अभी भी जारी है।
राज्य कर अपर आयुक्त एचपी राव दीक्षित ने बताया कि जीएसटी की एसआईबी रेंज बी की टीम ने पुत्तन आतिशबाज के प्रतिष्ठान की जांच की। डाटा विश्लेषण में सामने आया कि पिछले वर्षों में व्यापारी ने 2.15 करोड़ रुपये से अधिक के पटाखों की खरीद की थी, लेकिन बिक्री सिर्फ 1.2 करोड़ रुपये ही दर्ज की गई थी। कर के रूप में महज 17 हजार रुपये जमा किए गए, जबकि बकाया कर का समायोजन इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से किया गया। टीम को दुकान में लगभग 10 लाख रुपये के पटाखों का स्टॉक मिला, जबकि रिकॉर्ड में इसके बारे में सही जानकारी नहीं दी गई थी।
जांच में यह भी पता चला कि व्यापारी बिना पक्के बिल के स्थानीय, गैर-पंजीकृत पटाखा निर्माताओं से माल खरीद रहा था और इस माल की बिक्री भी कच्चे बिलों पर की जा रही थी। पोर्टल पर 1 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाई गई थी, लेकिन मौके पर केवल 10 लाख रुपये का ही स्टॉक मिला।
Published on:
25 Oct 2024 11:20 am
