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इग्नू की परीक्षा में हिंदुत्व पर उठा सवाल, बीजेपी नेता का फूटा गुस्सा, पीएम और सीएम की कार्रवाई की मांग

एमए राजनीति शास्त्र के पेपर में एक सवाल हिंदुत्व पर है। बीजेपी नेता ने पीएम और सीएम से पेपर बनाने वाले अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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IGNOU

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बरेली। इग्नू की परीक्षा में हिंदुत्व पर पूछे गए सवाल से बखेड़ा खड़ा हो गया है। इग्नू में एमए राजनीति शास्त्र की परीक्षा में हिंदुत्व पर सवाल पूछा गया है। प्रश्न पर सवालिया निशान लगाते हुए भाजपा नेता गुलशन आनंद ने इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है और प्रश्नपत्र बनाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है।

क्या है मामला
दरअसल इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) की इन दिनों परीक्षाएं चल रही हैं। इस दौरान एमए राजनीति शास्त्र के दिसंबर टर्म एन्ड पेपर के अनुभाग दो के सातवें सवाल पर विवाद पैदा हो गया है। प्रश्न पत्र में सवाल पूछा गया था कि हिंदुत्व राजनीति भारत की बहुसंस्कृतिवाद और धर्म निरपेक्षता की विरासत का नाश करेगी, परीक्षण कीजिए। राजनीति शास्त्र की परीक्षा में पूछे गए इस प्रश्न से भारतीय जनता पार्टी के नेता गुलशन आनंद और हिंदूवाद संगठनों ने कड़ी आपत्ति जाहिर की।

कार्रवाई की मांग की
भाजपा के नेता गुलशन आनंद ने इस सवाल पर नाराजगी जाहिर करते हुए इस पूरे मामले में की शिकायत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की। उन्होंने पेपर तैयार करने वाले अध्यापकों के खिलाफ इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि इस प्रश्न ने हिंदुत्व को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इससे छात्रों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

विशेष विचार धारा के लोगों ने बनाया पेपर
राजनीति शास्त्र की परीक्षा में पूछे गए इस सवाल पर बीजेपी नेता गुलशन आनंद ने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट विचारधारा से प्रभावित लोगों ने ये प्रश्न पत्र तैयार किया है। परीक्षा में इस तरह का प्रश्न पूछा जाना आपत्तिजनक है और ऐसा प्रश्नपत्र बनाने वालों पर कार्रवाई की जाए। इस विचारधारा के लोग अभी तक सदमे में हैं जिसके कारण ऐसी हरकतें कर रहे हैं।