
हेट स्पीच मामले में तीन साल की सजा के ऐलान के बाद रामपुर (Rampur) से सपा विधायक आजम खान (SP MLA Azam Khan) की विधायकी को रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद से ही राजनीति में गरमा-गरमी का माहौल पैदा हो गया है। कुछ लोगों ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की है, जबकि कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया है। वहीं अब बरेली (Bareilly) के आला हजरत दरगाह के प्रचारक और ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी (Maulana Shahabuddin Razvi Bareilvi) ने आजम खान की विधायकी रद्द करने पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के इस फैसले को इंसाफ के खिलाफ बताया है।
अखिलेश यादव को दी ये सलाह
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि आजम खान की विधायकी को रद्द करने का ये फैसला इंसाफ पर आधारित नहीं है, क्योंकि जनता ने आजम खान को चुनकर भेजा है। इसलिए विधानसभा अध्यक्ष का यह फैसला इंसाफ नहीं है। मौलाना ने कहा कि सपा नेता इस समय काफी मुश्किलों में हैं। ऐसे में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को आजम खान का पूरा सहयोग करना चाहिए। अखिलेश को आजम खान के साथ खड़ा होना चाहिए। साथ ही उनकी मुश्किलों को दूर करने के लिए आंदोलन भी करने चाहिए।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनाई सजा
मौलाना ने आगे कहा कि जहां तक विधायकी की बात है, रामपुर की जनता ने आजम खान को चुन कर विधानसभा भेजा है। वो चुनाव जीतकर यहां तक आए हैं। अब जब जनता ने ही उनको चुनकर विधानसभा सदस्य बनाया तो फिर विधानसभा अध्यक्ष कैसे इतनी जल्दी उनकी विधायकी को रद्द कर सकता है। गौरतलब है कि आजम खान को विधानसभा में एक चुनावी भाषण के दौरान आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां करने मामले पर एमपी-एमएलए कोर्ट ने 27 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाया था। जिसमें उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई थी। इस फैसले के बाद ही आजम खान की विधायकी चली गई।
Updated on:
29 Oct 2022 03:37 pm
Published on:
29 Oct 2022 03:36 pm
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