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बरेली सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री की बैठक: गौशालाएं सुधारने और आंवला में फैक्ट्रियां लगाने के निर्देश

सर्किट हाउस में बुधवार को पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठकर जिले की कई अहम योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अफसरों को सख्त लहजे में कहा गोशालाओं की हालत चमकाओ, चारागाहों की जमीन खाली कराओ और बेरोजगारी खत्म करने के लिए आंवला में बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लगवाओ।

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अफसरों के साथ बैठक करते मंत्री धर्मपाल सिंह (फोटो सोर्स: पत्रिका)

बरेली। सर्किट हाउस में गुरुवार को पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठकर जिले की कई अहम योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अफसरों को सख्त लहजे में कहा गोशालाओं की हालत चमकाओ, चारागाहों की जमीन खाली कराओ और बेरोजगारी खत्म करने के लिए आंवला में बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लगवाओ।

बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसपी सिटी मानुष पारिक भी मौजूद रहे। पशुधन मंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता गोवंश की सुरक्षा है। हर गौशाला में गायों के लिए हरा चारा, ठंडा पानी, टीन शेड और इलाज की व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर हफ्ते अधिकारी खुद जाकर गौशालाएं चेक करें। मंत्री ने कहा कांवड़ यात्रा आस्था का सवाल है। इसमें चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि श्रद्धालुओं के साथ नम्रता से पेश आएं और यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाया जाए। वहीं खाद की किल्लत पर उन्होंने कहा कि किसानों को लाइन न लगानी पड़े। हर गांव और ब्लॉक में खाद की उपलब्धता पक्की की जाए ताकि फसल बर्बाद न हो।

गायों के लिए ग्रीन ट्रीटमेंट, चारागाह की जमीन होगी खाली

मंत्री ने सख्त लहजे में कहा गाय सिर्फ पशु नहीं, हमारी मां हैं। इनके लिए कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने निर्देश दिया कि हर गौशाला में एक नया पशु शेड बनाया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा गायों को जगह मिल सके। चारागाहों की जमीनों पर अगर कहीं कब्जा है, तो उसे तुरंत हटवाने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने कहा जहां चारागाह है, वहां हरियाली होनी चाहिए, कब्जा नहीं।”

आंवला को मिलेगा रोजगार का तोहफा

बैठक में उन्होंने खास तौर पर आंवला तहसील की बात उठाई और कहा – “यहां फैक्ट्रियों की बेहद जरूरत है। युवाओं को रोजगार चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं। उन्होंने कहा कि बरेली को एक औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि बरेली का नाम उसके पारंपरिक उद्योगों – फर्नीचर, सुरमा और साड़ी से जुड़ा है। सरकार इन कारोबारों को प्रमोट करने के लिए हर संभव मदद देगी ताकि बरेली फिर से चमके।


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