10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

नगर निगम की सफाई व्यवस्था फेल: सड़कें गंदगी से पटी, सफाई फर्में लापता, दो पर 35 हजार का जुर्माना, थमाया नोटिस

शहर की सड़कों पर सफाई सिर्फ कागजों पर हो रही है, हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सोमवार को जब नगर स्वास्थ्य विभाग की टीम मैदान में उतरी तो सफाई के सरकारी दावों की पोल खुल गई। कई प्रमुख सड़कों पर गंदगी का अंबार मिला और ठेका लेने वाली फर्मों के कर्मचारी नदारद थे।

less than 1 minute read
Google source verification

बरेली। शहर की सड़कों पर सफाई सिर्फ कागजों पर हो रही है, हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सोमवार को जब नगर स्वास्थ्य विभाग की टीम मैदान में उतरी तो सफाई के सरकारी दावों की पोल खुल गई। कई प्रमुख सड़कों पर गंदगी का अंबार मिला और ठेका लेने वाली फर्मों के कर्मचारी नदारद थे।

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य और अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय रोजाना अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीलीभीत रोड, कोहाड़ापीर मार्ग, सेलेक्शन प्वाइंट चौराहा और केडीएम स्कूल के पीछे खाली प्लॉट की पड़ताल की। हर जगह गंदगी फैली मिली।

पीलीभीत रोड पर गंदगी मिलने पर ड्रीम्स नेट मार्ट पर 20,000 का जुर्माना और कोहाड़ापीर मार्ग व अन्य इलाकों में सफाई न मिलने पर कोणार्क ग्लोबल सर्विसेज पर 15,000 का जुर्माना लगाया है। दोनों फर्मों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगली बार लापरवाही मिली तो ठेका रद्द कर दिया जाएगा।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानुप्रकाश ने खुद मौके से तस्वीरें लीं और दस्तावेजी सबूत जुटाए। उन्होंने बताया कि ये वे इलाके हैं जहां हर दिन सफाई होने का दावा किया जाता है। लेकिन असलियत कुछ और ही है। उन्होंने बताया कि दोनों फर्में सफाई में लापरवाही बरत रही थीं। जुर्माना लगाया गया है। अगर अब भी हाल नहीं सुधरे तो ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।