
धर्म के नाम पर लड़ाने वालों को मुस्लिम लड़कियों का करारा जवाब
बरेली। देश में चंद लोग अपने सियासी फायदे के लिए लोगों को धर्म के नाम पर लड़ाने का काम कर रहे हैं। लेकिन भाषाएं एक धर्म को दूसरे धर्म को जोड़ने का काम कर रहीं है। इसका जीता जागता उदाहरण है इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज की तीन मुस्लिम छात्राओं ने जिन्होंने गीता के श्लोक सुना कर प्रतियोगिता में जीत हासिल की है। इस प्रतियोगिता में तमाम हिन्दू छात्राओं ने भी हिस्सा लिया था लेकिन इस्लामिया स्कूल की इन मुस्लिम लड़कियों को सभी को पीछे छोड़ते हुए संस्कृत में श्लोक सुनाकर प्रतियोगिता में प्रथम, द्रितीय और चौथा स्थान प्राप्त किया। इन मुस्लिम लड़कियों के गीता के में श्लोक संस्कृत में सुनकर लोग आश्चर्य में पड़ गए।
इस्लामिया की लड़कियों ने फहराया परचम
बाल कल्याण समिति ने श्री मद भगवत गीता पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया था। सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित हुई इस प्रतियोगिता में जिले भर के स्कूल के छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया था। जिसमे सीनियर वर्ग में इस्लामिया गर्ल्स इंटर कालेज की 12वीं की छात्रा महक अल्वी ने प्रथम और रहनुमा जफर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया जबकि जूनियर वर्ग में नम्रा जफर को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। इन मुस्लिम लड़कियों की धारा प्रवाह संस्कृत सुनकर लोग दंग रह गए।
स्कूल करता है मदद
प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाली छात्राओं का कहना है कि संस्कृत उनका विषय नहीं है बल्कि हिंदी के साथ ही संस्कृत पढ़ाई जाती है। छात्राओं का कहना है कि प्रतियोगिता के लिए तैयारी में उनकी शिक्षिका ने काफी मदद की है और वो लोग घर में भी संस्कृत का पाठ करती थी। वही अपने स्कूल की इस लड़कियों की जीत पर कॉलेज की प्रधानाचार्य चमन जहाँ भी काफी खुश है उन्होंने कहा कि हमारे स्कूल में सभी मजहब के बच्चे पढ़ाई करते है हिन्दू छात्राओं ने भी पहले हुई उर्दू की प्रतियोगिता में जीत हासिल की है।
Published on:
15 Oct 2018, 5:23 PM IST
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